जलालुद्दीन के सिंडिकेट पर ED का शिकंजा, 100 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग की जांच, बुलडोजर के बाद एक्शन तेज

अभय सिंह राठौड़, लखनऊ: उत्तर प्रदेश में हिंदू युवतियों के अवैध की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। छांगुर बाबा अब केवल एटीएस ही नहीं, बल्कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भी रडार पर आ गया है। प्रदेश के बहुचर्चित धर्मांतरण मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ईडी ने छांगुर बाबा और उसके सिंडिकेट के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद अब बाबा और उसका नेटवर्क दोहरे कानूनी शिकंजे में फंस चुका है।100 करोड़ के ट्रांजैक्शन, विदेशी खातों पर फोकसईडी की यह कार्रवाई की उस रिपोर्ट के आधार पर की गई है, गिरोह के खिलाफ 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के लेन-देन के ठोस सबूत मिले थे। रिपोर्ट के अनुसार, छांगुर बाबा और उसके सहयोगियों ने दो दर्जन से अधिक बैंक खाते भारत में और छह विदेशी खाते विदेशों में संचालित किए। वहीं ईडी अब छांगुर बाबा पर शिकंजा कसकर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इन खातों में विदेशों से जो फंडिंग आई, उसे किन गतिविधियों में खर्च किया गया है।सूत्रों के अनुसार, फंडिंग का उपयोग धर्मांतरण, धार्मिक प्रचार और बहलाने-फुसलाने के काम में किया गया था। ईडी इस बात की भी जांच कर रही है कि यह विदेशी फंडिंग किन देशों से हुई और इसके पीछे कौन-कौन सी संस्थाएं या एजेंसियां सक्रिय थीं।संपत्ति पर बुलडोजर, अब कुर्की की तैयारीवहीं ईडी के शिकंजा कसने से पहले एटीएस की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने के खिलाफ बुलडोजर चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। बहराइच जिले के मधपुर गांव में स्थित उसकी आलीशान कोठी को मंगलवार को ध्वस्त कर दिया गया है। यह वही स्थान है, जहां से बाबा ने कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियों को संचालित किया था। छांगुर बाबा की कोठी किसी महल से कम नहीं थी। काफी दूरी में बनी थी। छांगुर बाबा अपने साम्राज्य को और बड़ा करने के लिए एक डिग्री कॉलेज खोलने की भी तैयारी कर रहा था। अब ईडी की नजर बाबा और उसके सिंडिकेट की चल-अचल संपत्तियों पर है। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही इन संपत्तियों की जब्ती की कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है।युवतियों के धर्मांतरण के लिए मोटी रकम का खेलएटीएस की जांच में सामने आया कि यह सिंडिकेट ब्राह्मण, क्षत्रिय और सिख युवतियों के मतांतरण के लिए 15 से 16 लाख रुपये तक देता था। वहीं पिछड़ी जातियों की युवतियों के लिए 10 से 12 लाख और अन्य जातियों के लिए 8 से 10 लाख रुपये दिए जाते थे। गिरोह एजेंटों के जरिए प्रेमजाल, धमकी और प्रलोभन देकर मतांतरण कराता था। मुख्यमंत्री का सख्त संदेशछांगुर बाबा प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सख्त रुख अपना चुके हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बहन-बेटियों की गरिमा और सुरक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। छांगुर बाबा की गतिविधियां समाज विरोधी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र विरोधी भी हैं। ऐसे अपराधियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। उनकी संपत्तियां जब्त कर कानून के दायरे में ऐसी सजा दी जाएगी, जो समाज के लिए नजीर बनेगी।एटीएस की कार्रवाई: गिरोह की सदस्य भी गिरफ्तारएटीएस पहले ही छांगुर बाबा को लखनऊ से गिरफ्तार कर चुकी है। उसके साथ ही गिरोह की सदस्य नीतू उर्फ नसरीन को भी पकड़ा गया था। दोनों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी जारी है। बता दें, अब यह मामला सिर्फ एक धर्मांतरण कांड नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी फंडिंग से जुड़ा गंभीर अपराध बन चुका है। एटीएस और ईडी की संयुक्त कार्रवाई से साफ है कि सरकार इस पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के मूड में है।


from https://ift.tt/YWTm4J6

Comments

Popular posts from this blog

आध क गलत सचन और करयकरम म एक घट क दर स पहच सएम गहलत फर हआ एकशन