जयपुर में पकड़ा गया शातिर दिमाग वाला बलवीर, लोग खुद दे देते थे इसे अपनी कार की चाभी, फिर होता असली 'कांड'

जयपुर: आजकल डिजिटल मीडिया का जमाना है। ज्यादातर काम ऑनलाइन मोड पर होने लगे हैं। यानी कोई भी चीज खरीदनी या बेचनी हो तो सोशल मीडिया प्लेटफार्म भी एक बड़ा जरिया बन जाता है। यहां तक कि 'सपनों का आशियाना' घर खरीदने के लिए भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म का सहारा लिया जाता है। खाने पीने और आम उपयोग में आने वाली सभी चीजों सहित अन्य चीजों की खरीद के लिए विभिन्न एप आ गए हैं, जिसके जरिए लोग शॉपिंग करते हैं। एक एप है OLX जो खरीदने बेचने के उत्पादों के विज्ञापन मुफ्त में करता है। इस एप को लोगों ने ठगी का जरिया बना लिया है।

कार बेचने का विज्ञापन देना पड़ा महंगा

की एक महिला को ओएलएक्स पर अपनी गाड़ी बेचने का विज्ञापन देना महंगा पड़ गया। कुछ दिन पहले एयरपोर्ट के पास सिद्धार्थ नगर निवासी महिला ने अपनी वैगन आर कार बेचने के लिए कार की फोटो और डिटेल ओएलएक्स पर पोस्ट की थी। गाड़ी उनके पति के नाम से थी। दिए गए मोबाइल नंबर पर एक व्यक्ति ने संपर्क किया और कार खरीदने की इच्छा जाहिर की। कॉल करने वाले व्यक्ति ने कहा कि खरीदने से पहले वह कार चलाकर देखना चाहता है। इस पर महिला ने हामी भर दी। बाद में जो हुआ उससे कार का विज्ञापन देने वाली महिला को पछताना पड़ा।

ट्रायल के बहाने गाड़ी लेकर फरार हुआ युवक

रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला ने बताया कि जो व्यक्ति कार खरीदने के लिए आया था, उसने एक बार कार चलाकर ट्रायल लेने की बात कही। महिला ने उसे चाबी दे दी और ट्रायल लेने के लिए कहा। ट्रायल के लिए गाड़ी लेकर निकला युवक कार लेकर फरार हो गया। वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा को महिला को एहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हो गया। पीड़ित ने एयरपोर्ट पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।

150 किलोमीटर पीछा कर पुलिस ने दबोचा

एडिशनल डीसीपी आशाराम चौधरी ने बताया कि पीड़ित महिला ने घटना के तुरंत बाद पुलिस कंट्रोल रूम में कॉल कर दिया। सूचना मिलने के तुरंत बाद । पुलिस ने पीड़ित महिला के घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई और कार लूटने वाले का पीछा शुरू किया। करीब 150 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने आरोपी युवक को दबोच लिया। गिरफ्तार किया गया आरोपी बलवीर सिंह करौली जिले के कुड़गांव पुलिस थाना क्षेत्र के काचरोदा गांव का रहने वाला है।

शराब के ठेकों से कॉल करता था आरोपी

डीसीपी ईस्ट तेजस्वनी गौतम ने बताया कि आरोपी बलवीर सिंह बहुत ही शातिर दिमाग है। वारदात से पहले वह ओएलएक्स पर गाड़ियां बेचने वाले लोगों को चिन्हित करता है। इसके बाद चिन्हित लोगों को शिकार बनाने से पहले वह कॉल करके संपर्क करता था। आरोपी बलवीर ने कभी अपने मोबाइल नंबर से किसी व्यक्ति को कॉल नहीं किया। वह शाम के वक्त शराब के ठेकों पर जाता था। वहां शराब पीने वाले लोगों से मेलजोल बढाकर उनसे मोबाइल मांगकर कॉल करता था। इस तरह से उसका मोबाइल नंबर पीड़ित को नहीं मिल पाता और वह पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा। पूछताछ में पता चला है कि ऐसी कई वारदातें कर चुका है। वारदात के बाद वह गाड़ी कबाड़ी को बेच देता था।


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