'मैं माफी नहीं मांगूंगा', भाई वीरेंद्र अड़े तो विजय सिन्हा बोले- 'यह इनके 90 वाले जंगलराज और गुंडाराज वाली आदत'
पटना: में बुधवार को भारी हंगामा हो गया। ने आपत्तिजनक शब्द का प्रयोग कर दिया, जिसके बाद स्पीकर नंदकिशोर यादव ने साफ शब्दों में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से कहा कि भाई वीरेंद्र से माफी मंगवाएं, तभी सदन चलेगा। इस विवाद में जब डेप्युटी स्पीकर विजय सिन्हा ने बोलना शुरू किया तो स्पीकर नंदकिशोर यादव ने उन्हें भी डांटकर चुप करा दिया। कहा कि आप सदन चला रहे हैं या मैं। भाई वीरेंद्र ने माफी नहीं मांगी तो स्पीकर अपनी सीट से उठकर चले गए।
भाई वीरेंद्र ने माफी मांगने से किया मना
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक भाई वीरेंद्र ने माफी मांगने से साफ शब्दों में मना कर दिया है। सदन के बाहर आने के बाद भाई वीरेंद्र ने कहा, 'सदन किसी की बपौती नहीं है। मैं अपने बयान पर अभी भी कायम हूं। मैंने कोई गलत काम किया ही नहीं, इसलिए माफी क्यूं मांगूं।'90 के दशक वाला गुंडाराज लाना चाहते हैं: विजय कुमार सिन्हा
सदन से बाहर आने के बाद ने कहा कि नेताप्रतिपक्ष को बोलने का मौका मिला। लंबे समय तक बोले। हमारे मुख्यमंत्री जी ने बड़े ही प्रेम से समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही के दो दिन बचे हैं, शांति से जनता के प्रश्नों पर चर्चा चलने दिया जाये। उनलोगों ने जिस तरह की भाषा का प्रयोग किया। उसके बाद नेता प्रतिपक्ष दोबारा खड़े हो गए। उन्हीं की पार्टी के विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि 'विधानसभा किसी के बा*** का है।' यह बयान सदन के अंदर उनके गुंडाराज को दर्शाता है। ये भूल गए हैं, ये 90 का दशक नहीं है। वोटर पुनरीक्षण पर जनता को भरमाने का काम कर रहे हैं। संवैधानिक संस्था का अपमान कर रहे हैं। लोकतंत्र में इनको विश्वास नहीं है। मुख्यमंत्री ने तो साफ कहा कि दो दिन के बाद सदन खत्म होगा। चुनाव में जाइए, जनता मालिक है। जनता जिसको चाहे आशीर्वाद दे। 'जिसका बा*** का है' इस शब्द पर हमने माफी मांगने को कहा। ये जंगलराज वाले लोगों ने सदन के अंदर गुंडाराज का प्रदर्शन करने का काम किया है। ये 90 का दशक नहीं है, ये 2025 है। अब बिहार गुंडाराज में नहीं जाएगा। बिहारी का अपमान नहीं होगा। अगर ये माफी नहीं मांगेंगे तो ऐसे लोगों को सदन में बैठने का औचित्य नहीं है। सावन में भगवान शंकर इन्हें माफी मांगने की बद्धि दे: अशोक चौधरीवहीं विधानमंडल में हुए हंगामे पर मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि हमारे यहां कार्य संचालन नियमावली बनी है। ये पहली बार नहीं है कि विपक्ष विधानसभा में ऐक्ट कर रहा है। इसका एक तरीका होता है। कल भी इन्होंने उदंडता का परिचय दिया। स्पीकर पर कागज का टुकड़ा फेंकना, टेबल उठाना और हमारे मार्शल को कोहनी से मारना। आज का सत्र शुरू होने पर स्पीकर ने कहा कि मर्यादा से विपक्ष अपनी बात कहे। जब नेता प्रतिपक्ष को बोलने का मौका मिला तो वह विस्तार से अपनी बात कह रहे थे। विधानसभा एक विमर्श स्थल है। इसी बीच सीएम ने आग्रह किया कि प्रश्नकाल को चलने दीजिए, लेकिन उनकी तरफ से अपशब्द प्रयोग किया गया। हमने खेद प्रगट करने को कहा, लेकिन वह नहीं माने। बड़े-बड़े नेताओं ने खेद प्रगट किया है। इस घटना ने पूरी तरह से शर्मसार किया है। आने वाली पीढ़ी उनकी उदंडता को देखेगी। सावन के महीने में भगवान विपक्ष को माफी मांगने की बुद्धि दे।from https://ift.tt/rmS37M0
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