भारतीय पायलटों को मारना चाहते थे पाकिस्तानी एयरफोर्स के चीफ, भारत के जांबाजों ने चटाई धूल, वॉर रूम के अंदर की पूरी कहानी

इस्लामाबाद: पाकिस्तान हर हाल में भारतीय पायलटों को मारना या बंदी बनाना चाहता था, ताकि फिर से एक बार अभिनंदन जैसा वाकया हो। खुलासा हुआ है कि इस बार जब के लड़ाकू विमानों के बीच जब जंग चल रही थी उस वक्त पाकिस्तानी एयरफोर्स के प्रमुख बार भारतीय पायलटों को मारने के लिए चिल्ला रहे थे। द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तानी एयरफोर्स के प्रमुख का फोकस हर हाल में ज्यादा से ज्यादा संख्या में भारतीय पायलटों को मारने पर थी। वो बार बार वॉर रूम में चिल्ला रहे थे कि 'उन्हें मार डालो, उन्हें मार डालो, उन्हें पाकिस्तान में एक इंच भी घुसने ना दो।' द न्यूज इंटरनेशनल ने बताया है कि एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू 15 स्क्वाड्रन के पायलटों से सीधे बात कर रहे थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि उस वक्त वो एक खुफिया कमांड सेंटर में मौजूद थे।दरअसल पाकिस्तान हर हाल में भारत के पायलटों को मारना चाहता था, ताकि वो भारत को शर्मिंदा कर सके और पूरी दुनिया में अपनी बहादुरी के ढोल पीट सके। लेकिन हकीकत ये है कि आज ही पाकिस्तान की सेना ने कबूल किया है कि भारत के हमले में पाकिस्तान के 11 सैनिक मारे गये हैं और 78 से ज्यादा घायल हुए हैं। जिनमें 5 जवान पाकिस्तानी वायुसेना के हैं। माना जा रहा है कि भारत के हमलों में पाकिस्तानी एयरफोर्स के और भी कई जवान मारे गये हैं, जिनकी मौत की बात धीरे धीरे पाकिस्तान कबूल करेगा।पाकिस्तान एयरफोर्स को बहुत बड़ा झटकाआपको बता दें कि भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसके बाद भारत और पाकिस्तान एक संघर्ष में फंस गये। भारत ने आतंकी हमले के लिए को जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान दावा करता है कि भारत ने पाकिस्तान में हमला करने के लिए 80 फाइटर जेट्स को भेजा था, जिनमें 32 राफेल, ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस 30 Su-30 और मिग फाइटर जेट्स थे। हालांकि पाकिस्तान के दावों की यहीं पर हवा निकल जाती है, क्योंकि भारत के पास 36 राफेल ही हैं। पाकिस्तान ने कहा है कि भारतीय फाइटर जेट्स के खिलाफ पाकिस्तानी एयरफोर्स ने 40 फाइटर जेट्स को भेजा था। आपको बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी आतंकवादियों के मारे जाने के बाद पाकिस्तान ने भी भारत पर हमला करने की कोशिश करते हुए भारत के नागरिक और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश की। पाकिस्तान किसी भी तरह से खुद को बेइज्जत होने से बचाना चाह रहा था और उसकी कोशिश किसी भी हाल में किसी ना किसी भारतीय मिलिट्री ठिकाने को नष्ट करना था, ताकि वो अपनी जनता के बीच खुद को हीरो साबित कर सके। लेकिन भारत ने साफ कर दिया था कि वो इस बार पाकिस्तान की सेना को 'इज्जत बचाने' का मौका नहीं देगा। लिहाजा जब पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश शुरू की, उसके बाद भारत ने को निशाना बनाना शुरू किया। भारत ने पाकिस्तान के शोरकोट में रफीकी एयरबेस, रावलपिंडी में नूर खान एयरबेस, चकवाल में मुरीद, रहीमयार खान, सुक्कुर और चुनियन के साथ-साथ पसरूर और सियालकोट में रडार साइटों को निशाना बनाया। इसके अलावा सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि कराची में स्थित मलीर छावनी पर भी भारत ने हमला किया था।भारतीय हमलों में पाकिस्तान के ज्यादातर चीनी रडार ध्वस्त हो चुके हैं और चीनी एयर डिफेंस सिस्टम की पोल खुल चुकी है। रडार और डिफेंस सिस्टम के ध्वस्त होने के बाद ही पाकिस्तान ने फौरन अमेरिका फोन लगाया, क्योंकि उसे डर था कि भारत का अगला निशाना उसका न्यूक्लियर कमांड सेंटर हो सकता है। अगर भारत पाकिस्तान के न्यूक्लियर कमांड सेंटर पर हमला करता तो परमाणु बम चलाने की उसकी क्षमता खत्म हो सकती थी।


from https://ift.tt/DzV4Ygu

Comments

Popular posts from this blog

आध क गलत सचन और करयकरम म एक घट क दर स पहच सएम गहलत फर हआ एकशन