नेपाल जाकर बिहार का ऐसी महिलाएं करा रहीं 'नुकसान', वो काम कर लौट आती हैं और पता भी नहीं चलता

: बिहार ही नहीं, बल्कि देश में सेक्स रेशियो बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा कोशिशें की जा रही हैं। इसके लिए कई योजनाएं भी चलाई गई हैं। बेटियों को सुरक्षित रखने और उन्हें जीने देने के लिए सरकारें और संगठनों द्वारा प्रतिवर्ष कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है। फिर भी सेक्स रेशियो में संतोषजनक बढ़ोतरी नहीं हो रही है। बहरहाल, सीतामढ़ी जिले में 17 प्रखंडों में से दो प्रखंडों में बढ़ते सेक्स रेशियो का आंकड़ा जानकार हर कोई हैरान रह जायेगा।

सीतामढ़ी का सेक्स रेशियो मात्र 884

वर्ष 2001 में 933 था, जो वर्ष 2011 की जनगणना के बाद बढ़कर 943 हो गया था। इसके बाद सेक्स रेशियो का कोई आंकड़ा केंद्र सरकार द्वारा जारी नहीं किया गया है। अब बात करें सीतामढ़ी जिला के सेक्स रेशियो का तो काफी निराश करने वाला है। यानी यहां का रेशियो मात्र 884 है। यह ताजा आंकड़ा है। हालांकि यह सच है कि जिले के दो प्रखंडों का सेक्स रेशियो काफी बेहतर है। इनमें से एक प्रखंड अल्पसंख्यक बाहुल्य है।

सेक्स रेशियो में परिहार प्रखंड अव्वल

जिले का परिहार प्रखंड में सेक्स रेशियो में अव्वल है, तो रून्नीसैदपुर प्रखंड फिसड्डी है। परिहार के बाद सबसे बेहतर स्थिति में जिला का सुदूर प्रखंड बोखड़ा है। दरअसल, मार्च- 25 में प्रखंडवार सेक्स रेशियो की रिपोर्ट जारी की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, मार्च में जिला में 4577 नवजात का जन्म हुआ था। खास बात यह कि मार्च में डुमरा ग्रामीण/शहरी क्षेत्र में नवजातों के जन्म लेने का आंकड़ा सबसे अधिक रहा। मार्च की ही बात करें तो चोरौत प्रखंड में सबसे कम बच्चों ने जन्म लिया था।

गर्भपात से सेक्स रेशियो में कमी

बताया गया है कि गर्भपात के कारण सेक्स रेशियो में कमी आती है। इस बात को चिकित्सक भी स्वीकार करते हैं, गर्भपात कराने पर कार्रवाई के लिए सख्त कानून भी बने हुए हैं। बावजूद अच्छी कमाई के लिए चिकित्सक चोरी-छिपे गर्भपात की कार्रवाई करते हैं। इस तरह के पूर्व में कई मामले भी सामने आ चुके हैं। बताया गया है कि जिले में गर्भपात कराने में पकड़े जाने के भय से लोग सीधे नेपाल के गौर, मलंगवा या जनकपुर चले जाते हैं। वहां न तो कार्रवाई का कोई भय रहता है और न अधिक पैसे खर्च होते हैं। नेपाल और भारत सरकार के बीच ऐसा कोई समझौता भी नहीं है कि नेपाल में कोई भारतीय महिला गर्भपात कराती है, तो कार्रवाई संभव हो सके। इसकी पुष्टि सोनबरसा के पीएचसी प्रभारी डॉ कन्हैया कुमार ने की है। उन्होंने बताया कि भारतीय महिलाओं का नेपाल में गर्भपात कराया जाता है, जिसकी कोई जानकारी विभाग को नहीं मिल पाती है।

प्रखंडवार सेक्स रेशियो का आंकड़ा

परिहार प्रखंड का सेक्स रेशियो जिले में सबसे बेहतर है। वहां का रेशियो 1056 है, तो बोखड़ा का 1037 है। इधर, बैरगनिया का 882, बाजपट्टी का 867, बथनाहा का 938, बेलसंड का 803, चोरौत का 900, डुमरा का 797, मेजरगंज 953, नानपुर का 992, परसौनी का 889, पुपरी का 805, रीगा का 938, रून्नीसैदपुर का 767, सोनबरसा का 800, सुप्पी का 941 व सुरसंड का 951 है। यानी जिला का औसत रेशियो 884 है।

मार्च'25 में 4577 नवजात का जन्म

रिपोर्ट के अनुसार, मार्च- 25 में जिले में 4577 बच्चे का जन्म हुआ, जिनमे फीमेल से अधिक मेल हैं। यानी 2429 मेल और 2148 फीमेल हैं। मार्च में बैरगनिया में 160 बच्चों का जन्म हुआ था, जबकि बाजपट्टी में 323, बथनाहा में 285, बेलसंड में 137, बोखड़ा में 167, चोरौत में 76, डुमरा में 789, मेजरगंज में 166, नानपुर में 259, परिहार में 405, परसौनी में 119, पुपरी में 287, रीगा में 252, रून्नीसैदपुर में 281, सोनबरसा में 405, सुप्पी में 132 व सुरसंड में 357 नवजात का जन्म हुआ था।


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