8वीं पास सिक्यॉरिटी गार्ड तो ISI एजेंट निकला, पाकिस्तान के लिए ऑपरेशन सिंदूर में क्या करने वाला था नोमान?

शामली: पहलगाम में आतंकी हमले के बाद जब भारतीय सेना पर कर रही थीं, उस समय उत्तर प्रदेश के कैराना का रहने वाला नोमान इलाही गुपचुप तरीके से श्रीनगर जाकर कुछ बड़ा करने के मिशन में जुटा था। पाकिस्तान और वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने वाले नोमान को पानीपत में पुलिस और एजेंसियों ने गिरफ्तार कर लिया है। शामली जिले के कैराना निवासी आईएसआई एजेंट नोमान इलाही को दुश्मन देश में बैठे उसके आका के दौरान श्रीनगर भेजने की तैयारी में थे। पुलिस को आरोपी की वॉट्सऐप चैट से कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। उससे श्रीनगर में सेना की गतिविधियों की जानकारी शेयर करने की बात कही जा रही थी। वह कमांडर इकबाल के जरिए आईएसआई से जुड़ा था, जो कैराना से जाकर पाकिस्तान में बस गया। सिक्यॉरिटी गार्ड की जॉब करने वाला नौमान बीते कुछ समय से पाकिस्तानी आतंकियों के संपर्क में था। सीमा पार से उसे यहां की जानकारी के बदले अधिक रुपये देकर मालामाल कर दिए जाने का लालच दिया जा रहा था। वह डेढ़-दो साल से पाकिस्तान को खुफिया सूचनाएं भेज रहा था। वह अपनी तरफ से की गई चैट को मोबाइल से बात करने के बाद डिलीट कर देता था। उसके मोबाइल में कई पाकिस्तानियों के नंबर के साथ ही चैट और वीडियो कॉल के सबूत भी मिले हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार 6 भाई-बहनों में सबसे छोटा नोमान कक्षा आठवीं तक ही पढ़ा-लिखा है। उसके 2 भाई और 3 बहनें हैं। उसकी एक बहन जीनत की शादी पानीपत में हुई थी। वह पानीपत की मनमोहन कॉलोनी में रहती है। पिछले करीब 4 महीने से नोमान भी उसी के पास रह रहा था। सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी की आड़ में वह सूचनाएं पाकिस्तान भेज रहा था।


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