425 एक्टिव केस, 7 मरीजों की मौत... महाराष्ट्र में एक बार फिर से डराने लगी कोरोना की रफ्तार

मुंबई: महाराष्ट्र में एक बार फिर से डराने लगा है। राज्या में गुरुवार को कोरोना के 76 नए मरीज सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य में 1 जनवरी से अब तक दर्ज मामलों की कुल संख्या 597 हो गई है। वर्तमान में 425 सक्रिय मरीज हैं जबकि 165 मरीज ठीक हो चुके हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि जनवरी से सात मरीजों की मौत हुई है, जिनमें से छह को अन्य बीमारियां थीं। वर्तमान में, महाराष्ट्र में कोरोनावायरस के लिए आईएलआई (इन्फ्लुएंजा जैसे रोग) और एसएआरआई (गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण) सर्वेक्षण चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि राज्य में पर्याप्त कोरोना वायरस परीक्षण और उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं और लोगों को घबराना नहीं चाहिए।कहां कितने मरीज आएनए मामलों में से 27 मुंबई में, 21 पुणे में, 12 ठाणे नगर निगम की सीमा में, आठ कल्याण नगर निगम में, चार नवी मुंबई में, एक कोल्हापुर नगर निगम में, एक अहिल्यानगर नगर निगम में और दो रायगढ़ जिले में पाए गए। विभाग ने कहा कि जनवरी 2025 से में रिपोर्ट किए गए मरीजों की कुल संख्या 379 है। जनवरी और फरवरी में एक-एक कोविड-19 पॉजिटिव मामला सामने आया, मार्च में कोई मामला सामने नहीं आया, अप्रैल में चार मामले पाए गए और मई में 373 मामले सामने आए।9,592 कोविड-19 परीक्षण किए गएजनवरी से राज्य में 9,592 परीक्षण किए गए। अधिकारियों ने कहा कि सभी मरीज जो ठीक हुए हैं, वे हल्के संक्रमण से पीड़ित थे। मृतक मरीज हाइपोकैल्सेमिक दौरे के साथ नेफ्रोटिक सिंड्रोम, किडनी रोग, ब्रेन स्ट्रोक (सेरेब्रोवास्कुलर रोग), डायबिटिक कीटोएसिडोसिस, इंटरस्टिशियल लंग डिजीज और मधुमेह जैसी बीमारियों से पीड़ित थे। विज्ञप्ति में कहा गया है कि अन्य राज्यों और कुछ अन्य देशों में भी कोरोनावायरस के मरीजों की संख्या में छिटपुट वृद्धि देखी जा रही है।स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिए ये निर्देशस्वास्थ्य मंत्रालय ने अस्पतालों में आईसीयू बेड, ऑक्सीजन सप्लाई और अन्य जरूरी संसाधनों की तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाए रखने और बार-बार हाथ धोने की सलाह दी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिन लोगों ने लंबे समय से बूस्टर डोज नहीं ली है, उन्हें वैक्सीन लेने पर विचार करना चाहिए।नए वेरिएंट्स पर क्या है एक्सपर्ट्स की राय?हाल ही में NB.1.8.1 और LF.7 जैसे नए वेरिएंट्स का पता चला है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारतीय स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार, ये वेरिएंट्स पिछले ओमिक्रॉन वेरिएंट्स से ज्यादा संक्रामक या गंभीर नहीं हैं। दिल्ली एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा, “नया वेरिएंट JN.1, जो 2023 में सामने आया था, अब विश्व स्तर पर प्रमुख है। स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सावधानी जरूरी है।”


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