मैं बंगबंधु की बेटी, जब तक जिंदा हूं... शेख हसीना की दहाड़, बांग्लादेश को इस्‍लामिक आतंक का सेंटर बनने से रोक पाएंगी?

ढाका: शेख हसीना को पिछले साल अगस्त में एक हिंसक प्रदर्शन के बाद बांग्लादेश की सत्ता से बेदखल कर दिया गया था। वो भारत में शरण ली हुई हैं और उन्होंने अपनी पार्टी अवामी लीग के कार्यकर्ताओं को दिए गये एक संदेश में अपने दर्द का इजहार किया है। उन्होंने कहा कि बंगबंधु का 'स्वर्णिम बांग्लादेश' का सपना टूटने के कगार पर है। शेख हसीना ने अपने पिता शेख मुजीब उर रहमान के 150वें जन्म दिवस पर अपनी पार्टी के लोगों को संबोधित किया है। उन्होंने कहा कि "कुछ गुमराह, स्वार्थी लोगों के हाथों उनका 'स्वर्णिम बंगाल' का सपना टूटने के कगार पर है।" हसीना ने आगे कहा कि "उन लोगों ने अपने फायदे के लिए हमारी युवा पीढ़ी को गुमराह किया है। फिर भी, जब तक मैं, बंगबंधु की बेटी, ज़िंदा हूं, मैं देश और उसके लोगों के कल्याण के लिए काम करती रहूंगी।"शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश को आजादी दिलाने वाले बंगबंधु के खिलाफ खतरनाक अभियान चलाया गया है और देश भर में उनकी मूर्तियां तोड़ दी गईं। उनका जिक्र करने वालों को मोहम्मद यूनुस का शासन सजा दे रहा है। मोहम्मद यूनुस के शह पर चरमपंथियों की भीड़ ने उनके म्यूजियम, उनके पैतृक आवास को जलाकर राख कर दिया। बंगबंधु के अस्तित्व को खत्म करने की बांग्लादेश में कोशिशें की जा रही हैं।शेख हसीना की गर्जना से कांपे मोहम्मद यूनुस!शेख हसीना ने संदेश देते हुए कहा कि "आज, स्वतंत्र बांग्लादेश देशद्रोहियों और मुक्ति-विरोधी ताकतों के हाथों में है। लेकिन वे भी जानते हैं कि बंगबंधु को बंगालियों के दिलों से मिटाया नहीं जा सकता है। उनके आदर्श शाश्वत और कभी खत्म होने वाले नहीं हैं। वो बंगाली लोगों की भावनाओं, यादों और चेतना में हमेशा थे, हैं और रहेंगे। 32 धानमंडी में ऐतिहासिक घर को ध्वस्त करने के बाद भी ऐसे लोगों को शांति नहीं मिली है।” शेख हसीना ने अपने संबोधन में इन बातों के अलावा वर्तमान शासन में महिलाओं के दमन का भी जिक्र किया है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने ये भी आश्वासन दिया है कि उनकी पार्टी उनके उत्थान का समर्थन करेगी और उन्हें वापस पटरी पर लाएगी।आपको बता दें कि पिछले साल अगस्त में सत्ता गंवाने के बाद अवामी लीग एक बार फिर से पैरों पर खड़ा होने की कोशिश करने लगी है, जिसने मोहम्मद यूनुस के शासन को डरा दिया है। अमेरिका अवामी लीग के उपाध्यक्ष डॉ. रब्बी आलम ने भरोसा जताया है कि शेख हसीना बांग्लादेशी प्रधानमंत्री के तौर पर फिर से वापस करेंगी। उन्होंने सुझाव दिया है कि बांग्लादेश के सलाहकार को वहीं लौट जाना चाहिए जहां से वे आए हैं। डॉ. रब्बी आलम को शेख हसीना का काफी करीबी सहयोगी माना जाका है और उन्होंने शरण देने के लिए भारत का आभार जताया है। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि "हम बांग्लादेश के सलाहकार से कहना चाहते हैं कि वे पद छोड़ दें और वहीं लौट जाएं जहां से वे आए हैं... शेख हसीना प्रधानमंत्री के तौर पर वापस आ रही हैं। युवा पीढ़ी ने गलती की है, लेकिन यह उनकी गलती नहीं है। उनके साथ छल किया गया है।"


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