परमाणु, बायोलॉजिकल, केमिकल.. महाव‍िनाशक हथियारों के साथ चीनी सेना ने किया युद्धाभ्‍यास, जिनपिंग का इरादा क्या है?

बीजिंग: चीन लगातार अपनी सैन्य शक्ति का विस्तार कर रहा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक चीन की सेना ने हाल ही में न्यूक्लियर, बायोलॉजिकल, कैमिकल (NBC) हथियारों के साथ भयानक युद्धाभ्यास किया है। इस अभ्यास में UAV, रोबोट डॉग और विस्फोटक आयुध रोबोट को शामिल किया गया था। चीनी मीडिया के मुताबिक इस अभ्यास के दौरान रोबोट के साथ साथ मिलिट्री ड्रोनों को भी शामिल किया गया था। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की 73वीं ग्रुप आर्मी ने इस अभ्यास को अंजाम दिया है, हालांकि चीन की सरकार मीडिया ने युद्धाभ्यास वाली जगह का खुलासा नहीं किया है। रिपोर्ट के मुताबिक इस अभ्यास के दौरान सेना को अलग अलग युद्ध के दौरान उनकी भूमिकाओं, टेक्नोलॉजी और मॉडर्न युद्ध सिस्टम के बारे में जानकारियां दी गई हैं।अभ्यास में शामिल ब्रिगेड के एक सदस्य क्यू हुआली ने आधिकारिक मीडिया के हवाले से कहा है कि "चाहे वह सिमुलेशन ट्रेनिंग का एडवांस स्तर हो या मानव रहित उपकरणों की व्यापक तैनाती, दोनों ही हमारे लिए नए प्रतिस्पर्धी रास्ते बनाते हैं।" उन्होंने कहा कि "सिमुलेशन ट्रेनिंग युद्ध के वातावरण में कॉर्डिनेशन को बढ़ाता है। हमने मानवयुक्त और मानवरहित स्ट्रैटजी पर काम किया है, उनमें सुधार किया है, उनमें मॉडर्न वारफेयर को शामिल किया है और बेहतरीन युद्ध रणनीतियों को लागू किया है।"चीन में मानवरहित हथियारों के इस्तेमाल पर जोरचीन के इस सैन्य अभ्यास के दौरान सबसे महत्वपूर्ण बात ये थी कि इस दौरान मानवरहित हथियारों के इस्तेमाल पर काफी जोर दिया गया है। चीनी मीडिया ने एक चीनी डिफेंस एक्सपर्ट सोंग झोंगपिंग के हवाले से कहा है, कि बीजिंग रोबोट और मानव रहित उपकरणों के उपयोग को दोगुना कर रहा है। ऐसा करने से युद्ध में इंसानों पर निर्भरता काफी कम होती है, जान का नुकसान कम होता है और मशीनें, इंसानों की तुलना में बेहतर जंग लड़ सकती हैं। सोंग झोंगपिंग ने कहा कि "ड्रोन में महत्वपूर्ण क्षमताएं हैं, क्योंकि वे इंसानी हताहतों को कम कर सकते हैं और लड़ाकू उपकरणों की प्रभावशीलता बढ़ा सकते हैं।" चीनी सैन्य एक्सपर्ट ने इसके अलावा जंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को भी एक महत्वपूर्ण फैक्टर बताया है। उन्होंने कहा कि PLA, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और "इंटेलिजेंटाइजेशन" के एकीकरण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।इससे पहले 19 फरवरी की चीन के सरकारी न्यूज चैनल सीसीटीवी ने बताया था कि PLA ने पायलट उम्मीदवारों के शरीर पर पड़ने वाले असर को जानने के लिए AI का उपयोग करना शुरू कर दिया है, ताकि लंबे समय में उनके बॉडी पर पड़ने वाले असर को जाना जा सके। फिर असर को कम करने के लिए शरीर को फाइटर जेट के अनुकूल बनाया जा सके। रिपोर्ट में कहा गया है, "AI अब लोगों के शरीर को जानने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो उन स्वास्थ्य जोखिमों को सामने लाते हैं, जो डॉक्टर नहीं बता सकते हैं।" रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे वायुसेना में काम करने वाले सैनिक और पायलटों के शरीर पर होने वाले दीर्घकालिक जोखिमों के बारे में पहले ही बता देते हैं, जिससे उन्हें सही करने का मौका मिल जाता है।


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