पहले ज्यादा फीस मांगी फिर किया बेइज्जत... डॉक्टर के मर्डर का दूसरा नाबालिग भी अरेस्ट, फिर भी पहेली बना केस
नई दिल्ली: जैतपुर में यूनानी डॉक्टर जावेद अख्तर की हत्या मामले में जिले के स्पेशल स्टाफ की टीम ने फरार चल रहे दूसरे नाबालिग को नोएडा से पकड़ लिया है। इससे पहले 3 अक्टूबर को क्राइम ब्रांच की टीम ने आनंद विहार से मुख्य नाबालिग आरोपी को पकड़ लिया था। उनके पास से हत्या में इस्तेमाल पिस्टल और खाली कारतूस भी बरामद कर लिया गया है।
बार-बार बयान बदल रहे दोनों नाबालिग
हालांकि पूछताछ में दोनों नाबालिग लगातार अपना बयान बदल रहे हैं। वे कभी नर्स के पति के कहने पर हत्या की बात कह रहे हैं तो कभी डॉक्टर द्वारा उनका अपमान करने पर हत्या की बात कह रहे हैं। हालांकि उनसे पूछताछ जारी है। इसके अलावा डॉक्टर जावेद अख्तर के साथ काम करने वाली नर्स और उनके पति से भी पूछताछ की जा रही है।पूछताछ में हुए कई खुलासे
पूछताछ में उन्होंने बताया कि इस्तेमाल पिस्टल खड्डा कॉलोनी के बाबू से खरीदी थी और हत्या के बाद उसे जाफराबाद में अपने दोस्त के पास रख दिया था। इन लोगों की भी पुलिस तलाश कर रही है। क्राइम ब्रांच के डीसीपी ने बताया कि इस मर्डर केस को सुलझाने के लिए एक टीम को लगाया गया था। क्राइम ब्रांच की टीम ने अस्पताल के रिसेप्शन, ड्रेसिंग रूम और गैलरी से सीसीटीवी फुटेज का जायजा लिया है। पता चला कि 16-17 साल की उम्र के दो लड़के 3 अक्टूबर को लगभग 1 बजे अस्पताल में दाखिल हुए थे। उनमें से एक लड़के ने अपने पैर के अंगूठे की ड्रेसिंग बदलने के लिए कहा था, जो पिछली रात भी चेंज की गई थी।ड्रेसिंग के बाद दोनों डॉक्टर जावेद अख्तर के केबिन में गए। कुछ ही देर बाद नाइट स्टाफ गजाला परवीन और मोहम्मद कामिल ने गोली चलने की आवाज सुनी और बाद में उन्हें खून से लथपथ पाया। जांच के दौरान नाबालिग की इंस्टाग्राम प्रोफाइल भी मिली। इसमें हत्या के बाद उसने हथियार के साथ फोटो लगा रखा था। फिर मोबाइल नंबर की मदद से उसे आनंद विहार इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया।मरहम-पट्टी के बाद मार दी गोली
पूछताछ उन्होंने क्राइम ब्रांच को बताया कि उनके और जावेद अख्तर के बीच तीखी बहस हुई थी। अगले दिन नाबालिग अस्पताल लौटे, अपनी मरहम-पट्टी कराई और फिर डॉक्टर को गोली मार दी। दूसरी तरफ जिले के स्पेशल स्टाफ की टीम भी लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई थी। दूसरे नाबालिग को स्पेशल स्टाफ ने नोएडा से पकड़ लिया गया।पुलिस सूत्रों के मुताबिक अभी तक दोनों नाबालिग अपना बयान बदल रहे हैं। इसलिए पूछताछ जारी है। इसके साथ ही नर्स के पति की भूमिका की भी लगातार जांच की रही है। सूत्रों के मुताबिक नर्स के पति ने एक नाबालिग को हत्या करने के लिए कहा था। वह उसकी बेटी का दोस्त भी है।नाबालिगों ने क्या दिया बयान
डीसीपी (दक्षिण-पूर्व) राजेश देव ने कहा कि किशोर मरीज ने आरोप लगाया कि उससे अधिक शुल्क लिया जा रहा था, जिससे तीखी बहस हुई, फिर उसने डॉक्टर को 400 रुपये दिए और अस्पताल छोड़ दिया। हालांकि, किशोर ने दावा किया कि डॉक्टर और अस्पताल के कर्मचारियों ने उसे फटकारा और अपमानित किया था। डीसीपी ने कहा कि किशोर लगभग 10 दिनों बाद अपनी चाची के साथ अस्पताल वापस गया था ताकि पट्टियां हटा दी जाएं, लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों ने उसका इलाज करने से इनकार कर दिया और उसे फिर से डॉक्टर जावेद ने फटकारा।from https://ift.tt/GyLONsw
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