हीरा से लेकर सोने तक का भंडार... माइनिंग से चमकेगी एमपी की किस्मत! मोहन सरकार ने बनाया तगड़ा प्लान

भोपाल: मध्य प्रदेश की धरती के अंदर बेशकीमती चीजों का भंडार है। बुंदेलखंड में हीरा और सोना तो महाकौशल में आयरन से लेकर मैंगनीज तक के भंडार हैं। इनके खनन के लिए मध्य प्रदेश में कई बड़े प्लेयर हैं, जिनके जरिए हजारों लोगों को रोजगार मिल रहे हैं। इसके बावजूद माइनिंग सेक्टर में अभी आपार संभावनाएं हैं। उन संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए मध्य प्रदेश की सरकार माइनिंग कॉन्क्लेव कर रही है। इसके जरिए मध्य प्रदेश में माइनिंग सेक्टर में अन्य निवेशकों को भी लुभाया जाएगा।

हीरे की माइननिंग में नंबर वन है मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में पाए जाने वाले हीरे देश में अनमोल हैं। पन्ना में सबसे ज्यादा हीरे की खनन होती है। इसके साथ ही छतरपुर के बक्सवाहा जंगल में भी हीरे का बड़ा भंडार है। मध्य प्रदेश कॉपर, मैंगनीज और डायमंड प्रोडक्शन में नंबर वन है। मैंगनीज की बात करें तो देश के कुल उत्पादन का 30 फीसदी एमपी में होता है। 2022 में यह 26 फीसदी था।

रॉक फॉस्फेट के मामले में नंबर दो है एमपी

वहीं, रॉक फॉस्फेट के प्रोडक्शन में भी एमपी नंबर वन है। इस साल भारत के कुल प्रोडक्शन के 26 फीसदी हिस्सा मध्य प्रदेश में उत्पादित हुआ है। रॉक फॉस्फेट के भंडार मध्य प्रदेश के कई जिलों में हैं। इसके साथ ही लाइम स्टोन के प्रोडक्शन में मध्य प्रदेश तीसरे तो कोयला उत्पादन में मध्य प्रदेश चौथे पोजीशन पर है।

जानें कहां किस खनिज का है भंडार

  • सतना, रीवा और सीधी में लाइमस्टोन, बॉक्साइट, ग्रेफाइट, गोल्ड और ग्रेनाइट का भंडार है।
  • सिंगरौली में कोयला, गोल्ड और आयरन का भंडार है।
  • शहडोल, अनूपपुर और उमरिया में कोयला, कोल बेड, मिथेन और बॉक्साइट का भंडार है।
  • सागर, छतरपुर और पन्ना में डायमंड, रॉक फॉस्फेट, आयरन, ग्रेनाइट, लाइस्टोन, डायस्पोर और पाइरोफिलाइट का भंडार है।
  • जबलपुर और कटनी में बॉक्साइट, डोलोमाइट, आयरन, लाइमस्टोन, मैंगनीज, गोल्ड और मार्बल का भंडार है।
  • नीमच और धार में लाइमस्टोन का भंडार है।
  • बैतूल में कोयला, ग्रेफाइट, ग्रेनाइट, लीड और जिंक का भंडार है।
  • छिंदवाड़ा में कोयला, मैंगनीज और डोलोमाइट का भंडार है।
  • बालाघाट में कॉपर, मैंगनीज, डोलोमाइट, लाइमस्टोन और बॉक्साइट का भंडार है।
  • मंडला और डिंडोरी में डोलोमाइट और बॉक्साइट का भंडार है।
  • ग्वालियर और शिवपुरी में आयरन, फ्लैगस्टोन और क्वार्ट्ज है।
  • झाबुआ और अलीराजपुर में रॉक फॉस्फेट, डोलोमाइट, लाइमस्टोन, मैंगनीज और ग्रेफाइट का भंडार है।

40 फीसदी तक मिलेगी सब्सिडी

वहीं, माइनिंग सेक्टर में निवेश करने पर सरकार निवेशकों को 40 फीसदी तक की सब्सिडी देगी। वहीं, 100 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट्स को सरकार इनसेंटिव भी देगी। अगर मध्य प्रदेश में खनिज आधारित उद्योगों की बात करें तो थर्मल पावर प्लांट्स, सीमेंट प्लांट, फेरो अलॉय, मार्बल, ग्रैनाइट, फ्लैगस्टोन कटिंग और पॉलिशिंग यूनिट है।

अभी बड़े खिलाड़ियों का दबदबा

मध्य प्रदेश में अलग-अलग खनिज पदार्थों के खनन और प्रोडक्शन के क्षेत्र में बड़ी कंपनियों का दबदबा है। अभी इन सेक्टर्स में आपार संभावनाएं हैं। माइनिंग कॉन्क्लेव के जरिए सरकार निवेशकों को अपना रोडमैप बता रही है। इससे उम्मीद है कि अन्य कंपनियां भी सरकार की नितियों से प्रभावित होकर मध्य प्रदेश में निवेश करेंगी। साथ ही अभी अलग-अलग खनिज भंडारों की ऑक्शन की प्रक्रिया भी चल रही हैं।


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