थाईलैंड, मलेशिया...विदेश जा रहे हैं तो सावधान, सागर और इरफान की 'साइबर गुलाम' वाली कहानी पढ़ लीजिए
लखनऊ: अगर आप करने का सपना देख रहे हैं और विदेश जा रहे हैं तो सावधान हो जाइए। लोगों को टूरिस्ट वीजा पर विदेश में नौकरी के बहाने बुलाकर उनका पासपोर्ट, वीजा जब्त कर लिया जा रहा है और उनको साइबर गुलाम बना लिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के सागर और इमरान जैसे हजारों युवाओं को ऐसे ही बहाने से बुलाया गया। जब युवा एजेंट के पास पहुंचते हैं तो उनका वीजा और पासपोर्ट रख लिया जाता और फिर उनसे साइबर गुलामी कराई जाती है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ऐसे 2946 लोगों की सूची यूपी के साइबर मुख्यालय वेरीफिकेशन के लिए भेजी है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गुडंबा निवासी सागर चौहान (24) को कुछ महीने पहले एक परिचित ने मलेशिया नौकरी के बहाने बुला लिया। विदेश में नौकरी के सपने को लेकर जब मलेशिया पहुंचे तो सागर को एजेंट के जरिए म्यांमार ले जाया गया, जहां उन्हें साइबर गुलाम बना लिया गया। सागर के घरवालों से आठ लाख से ज्यादा वसूलने के बाद भी नहीं छोड़ा। इसके बाद सागर के परिजनों ने वहां स्थित भारत की एंबेसी की मदद ली। इसके बाद सागर चौहान घर लौट पाया। ऐसी ही कुछ कहानी अमेठी के रहने वाले मोहम्मद इरफान की भी है। मोहम्मद इरफान को नौकरी के बहाने बुलाकर उनको कंबोडिया ले जाया गया। जहां उनको बंधक बनाकर महिलाओं के नाम की फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनवाई गईं। इसके बाद उनसे लोगों के पास फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर ठगी कराया जाने लगा। एंबेसी की मदद से इमरान के अलावा अन्य भारतीयों को निकाला गया।
अपरिचिट एजेंट के जरिए न जाएं विदेश
अधिकतर लोग आजकल सोशल मीडिया के जरिए कुछ लोगों के संपर्क में आ जाते हैं और उनके बहकावे में नौकरी के लिए विदेश चले जाते हैं, लेकिन जब लोग वहां पहुंचते हैं तो हालात कुछ और होते हैं, तब उनको पता चलता है कि उनको ट्रैप किया गया है, इसलिए जब भी विदेश में नौकरी करने जाइए तो किसी रजिस्टर्ड संस्था या फिर कोई अपना परिचित हो तभी जाइए, नहीं तो ऐसे ट्रैप में आप भी फंस सकते हैं। एक बार अपनी ओर से वेरीफाई जरूर करिए, क्या संस्था सही है या फिर फर्जी है।from https://ift.tt/A2h7kLY
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