फिर खटपट, JDU की जाति जनगणना की मांग, अब क्या करेगी बीजेपी?

पटना: जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने केंद्र सरकार से जाति आधारित जनगणना कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने जातिगत सर्वेक्षण कराया और उसके आधार पर सकारात्मक कदम उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र को भी इस पर विचार करना चाहिए। झा ने अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के उप-वर्गीकरण का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इससे हाशिए पर रहने वाले वर्गों के जीवन में सुधार हो सकता है।संजय झा ने ईटी को दिए इंटरव्यू में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने राजद के साथ पिछले गठबंधन को एक गलती बताया और भविष्य में उनके साथ किसी भी तरह के गठबंधन की संभावना से इनकार किया। उन्होंने अपनी भूमिका, बीजेपी के साथ गठबंधन, बिहार के विकास के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं, राज्य में निवेश के अवसरों और जातिगत जनगणना जैसे मुद्दों पर बात की।

केंद्र सरकार को जाति आधारित जनगणना करानी चाहिए: संजय झा

संजय झा ने कहा, 'केंद्र सरकार को जाति आधारित जनगणना करानी चाहिए।' उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार पहला राज्य है, जिसने जातिगत सर्वेक्षण कराया और उसके आधार पर सकारात्मक कार्रवाई की। उन्होंने कहा, 'नीतीश सरकार ने आरक्षण को 50 फीसदी से बढ़ाकर 65 प्रतिशत कर दिया।' उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण में बिहार में विभिन्न जातियों के सामाजिक-आर्थिक पहलुओं का भी अध्ययन किया गया है।उन्होंने कहा, 'राज्य ने सभी जातियों के 94 लाख गरीबों का डेटा एकत्र किया है।' उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने गरीबों को नौकरी प्रदान करने और एकमुश्त सहायता के रूप में 2 लाख रुपये देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के उप-वर्गीकरण के बारे में पूछे जाने पर संजय झा ने कहा, 'नीतीश कुमार ने हाशिए पर रहने वाले दलितों के कल्याण के लिए बिहार में अनुसूचित जाति का उप-वर्गीकरण किया।' उन्होंने कहा, 'उन्होंने अनुसूचित जाति में महादलित बनाया।' उन्होंने कहा, 'बिहार में नीतीश कुमार की ओर से शुरू की गई पंचायतों में ईबीसी के लिए आरक्षण है।'

संजय झा ने बताया- उन्हें क्यों बनाया गया JDU का कार्यकारी अध्यक्ष

जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर संजय झा ने बताया कि नीतीश कुमार बिहार में व्यस्त रहते हैं, खासकर चुनावी साल में। उन्होंने कहा कि इसलिए पार्टी के रोज़मर्रा के कामकाज को देखने के लिए उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने कहा कि जेडीयू केंद्र सरकार का भी हिस्सा है, इसलिए केंद्र के साथ तालमेल महत्वपूर्ण है। पिछले 100 दिनों में बीजेपी के साथ तालमेल पर बात करते हुए जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि अब तक कोई मुद्दा नहीं रहा है।झारखंड चुनाव में जेडीयू की भूमिका के बारे में उन्होंने कहा कि बीजेपी के पूर्व नेता सरयू राय उनकी पार्टी में शामिल हो गए हैं। उन्होंने कहा, 'दोनों पार्टियों जेडीयू और बीजेपी के बीच झारखंड चुनाव में गठबंधन होगा।' उन्होंने कहा कि सीटों को लेकर फैसला बाद में होगा।

2014 और 2024 के NDA में क्या अंतर?

2014 के NDA और 2024 के NDA में अंतर के बारे में पूछे जाने पर संजय झा ने कहा कि उन्होंने पिछली NDA सरकारों को इतने करीब से नहीं देखा है। उन्होंने कहा, 'हमें हमेशा लगता था कि बिहार पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता था।' उन्होंने कहा, 'इस बजट में बिहार के कुछ लंबित मुद्दों को उठाया गया। हमने विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग उठाई था। केंद्र से कहा था कि अगर विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जा सकता है, तो हमें कोई पैकेज दें।' उन्होंने कहा कि उस पैकेज की शुरुआत की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खुद इसमें विशेष रुचि ली। केंद्रीय बजट में आवंटित अतिरिक्त धनराशि को कैसे खर्च करने की योजना है, इस पर उन्होंने विस्तार से बताया। संजय झा ने बताया, 'बाढ़ को रोकने के लिए पांच बड़े बैराज बनाए जाएंगे। कुछ हवाई अड्डे भी बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि तीन से चार छह लेन वाले राजमार्ग भी बिहार में आ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम केंद्र सरकार से बिहार में गया और अन्य स्थानों पर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर स्थापित करने में मदद करने की उम्मीद कर रहे हैं।'


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