उदयपुर हिंसा: सरकारी स्कूल पर गिरी गाज, प्रिंसीपल सस्पेंड, क्लास टीचर भी एपीओ, पढ़ें ताजा अपडेट

जयपुर: राजस्थान के उदयपुर में बीते दिनों 10वीं कक्षा के छात्र देवराज की हत्या ने प्रदेश को झकझोर दिया। शिक्षा विभाग की जांच में जिस स्कूल में देवराज पढ़ता था, वहां की बड़ी लापरवाही सामने आई है। विभाग नें बड़ा एक्शन लेते हुए स्कूल की प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया है, जबकि क्लास टीचर कोे एपीओ किया गया। घटना के दिन मृतक देवराज को उसके दोस्त ही प्रिंसिपल की स्कूटी लेकर अस्पताल लेकर गए थे, लेकिन स्कूल स्टाफ की ओर से कोई भी हॉस्पिटल नहीं पहुंचा। यह स्कूल प्रशासन की बड़ी संवेदनहीनता सामने आई है।

घटना को लेकर विद्यालय प्रशासन को माना लापरवाह

देवराज हत्याकांड के मामले को लेकर उदयपुर के जिला शिक्षा अधिकारी ने एक कमेटी गठित कर मामले की जांच करवाई। इसके बाद स्कूल प्रशासन की इसमें बड़ी लापरवाही और संवेदनहीनता सामने आई। मामले में शिक्षा विभाग ने माना है कि यह घटना होना चिंता का विषय है। स्कूल प्रशासन को विद्यार्थियों के बैग नियमित चेक करने चाहिए। उन्होंने यह भी माना कि घायल बच्चे को अस्पताल ले जाने में काफी देरी हुई। इन सब रिपोर्ट के बाद स्कूल की प्रिंसिपल इशा धर्मावत को सस्पेंड कर दिया गया। उनका निलंबन काल मुख्यालय बीकानेर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय रहेगा।

क्लास टीचर को भी एपीओ किया

मृतक देवराज और आरोपी छात्र अयान के बीच हुए झगड़े और कातिलाना हमले के मामले में उनके क्लास टीचर राकेश जारोली की बड़ी लापरवाही सामने आई है। दोनों बच्चों के बीच विवाद होने के बाद भी क्लास टीचर को इसकी जानकारी नहीं लगी। इस मामले में उदयपुर संभाग के संयुक्त निदेशक महेंद्र कुमार जैन ने क्लास टीचर को एपीओ किया है। एपीओ काल में वह मुख्यालय ब्लॉक शिक्षा अधिकारी भैंसरोड गढ़ में उपस्तिथि देंगे।

दोस्तों ने प्रिंसिपल की स्कूटी से पहुंचाया अस्पताल

इधर, हत्याकांड के मामले में देवराज के दोस्तों ने बताया कि चाकू से हमले में देवराज गंभीर रूप से घायल हो गया। इस पर उसके दो दोस्तों ने प्रिंसिपल की स्कूटी लेकर देवराज को बीच में बिठाकर अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया कि उनके साथ स्कूल स्टाफ का कोई भी मेंबर साथ नहीं था। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन ने भी इस बात का खुलासा किया है कि जब घायल देवराज को अस्पताल लाया गया, तब केवल उसके दोस्त ही साथ आए थे। स्कूल का कोई भी मेंबर उनके साथ नहीं था।


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