अपने 'अंतिम संस्कार' के बाद जब जिंदा गांव पहुंचा शख्स तो सबके उड़े होश, सगे भाई ने की ऐसी काली करतूत

सुनील मिश्रा, बदायूं: उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं के थाना दातागंज क्षेत्र के गांव गुलडिया से एक हैरान कर देने वाला अजब-गजब मामला प्रकाश में आया है। यहां एक शख्स ने जमीन हड़पने के इरादे से पहले तो भाई को मारपीट कर गांव से भगा दिया। कई बार हमले के बाद पीड़ित बाहर रहने लगा। इस बीच आरोपी ने एक अज्ञात व्यक्ति की लाश को भाई की बॉडी बताकर अंतिम संस्कार भी कर दिया। गुलडिया गांव के रहने वाले पीड़ित दिव्यांग मनोहर का आरोप है कि वह बदायूं के गुलडिया में 2007 से नहीं रहता है। यानी कि लगभग 16 साल से वो बाहर रहकर लोगों के घरों में खाना बनाकर गुजर बसर कर ज़िन्दगी काट रहा है। पीड़ित मनोहर ने बरेली SSP अनुराग आर्य से शिकायत की, जिसके बाद बताया कि उसके भाई ने जमीन हड़पने के उद्देश्य से बीती 21 तारीख को किसी मृत व्यक्ति का शव मनोहर का बताकर उसका अंतिम संस्कार और दसवां कर दिया। जब मामले का पता जिंदा भाई मनोहर को लगा, तब वह गांव पहुंचा। ग्रामीण उसे देखकर भौंचक्के रह गए। क्या है यह पूरा मामला:जमीन हड़पने के लिए एक भाई ने अपने दूसरे भाई को जान से मारने की कोशिश की। जिस वजह से वो भाई उससे बचता हुआ बाहर रहने लगा और लोगों के यहां खाना बना कर अपनी गुजर बसर कर जीवन यापन करने लगा। यह सिलसिला तकरीबन 16 सालों तक चलता रहा। लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि इस दौरान उसके भाई ने एक अज्ञात शव की पहचान अपने भाई मनोहर के रूप में की। जिसके बाद बरेली रामगंगा नदी पर उस शव का अंतिम संस्कार और दसवां संस्कार भी कर दिया। जब पूरे मामले का पता पीड़ित भाई मनोहर को चला तो उसने पहले बदायूं पुलिस से शिकायत की। लेकिन मामला बरेली का था, इस वजह से वह बरेली एसएसपी अनुराग आर्य से मिला। उन्होंने मामले की जांच सीओ फस्ट बरेली को सौंप दी है। अब बदायूं और बरेली पुलिस पूरे प्रकरण की छानबीन में जुट गई है। कई साल से भागा-भागा फिर रहा था दरअसल गुलडिया के रहने वाले मनोहर पुत्र लीलाधर ने बताया कि वो दिव्यांग है। आरोपी भाई मुन्ना लाल अपने हिस्से की जमीन बेच दी और भाई मनोहर की जमीन पर उसकी नीयत खराब हो गई। गांव के अन्य 5 आरोपियों से मिलकर मुन्ना लाल ने मनोहर की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। मामले से संबंधित पीड़ित ने दातागंज पुलिस से शिकायत भी की थी। मनोहर भाई से भय मानने लगा और बाहर रहकर गुजर बसर करने लगा। हालांकि इस दौरान वह गांव में अपनी जमीन की देखरेख के लिए कभी-कभी आया-जाया करता था। बीती 21 जुलाई को आरोपी भाई ने अन्य पांच लोगों के साथ मिलकर किसी अज्ञात व्यक्ति के शव की शिनाख्त अपने भाई के मनोहर के रूप में करके पोस्टमॉर्टम करा दिया। इतना ही नहीं बल्कि अंतिम संस्कार और दसवां संस्कार भी बरेली के रामगंगा नदी पर कर डाला। मनोहर ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि दूसरे भाई मुन्ना लाल ने गांव के ही दो लोगों पर फर्जी तरीके से उसकी हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत भी की। अब उसे अपने भाई से हत्या का भय सताने लगा है और आरोपियों पर सख्त कार्यवाही की मांग की है। फिलहाल एसएसपी बरेली ने सीओ फस्ट को मामले की जांच दी है। देखने वाली बात यह होगी कि बदायूं और बरेली पुलिस मामले में क्या कार्यवाही करती है।


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