चीन में बढ़ रहा 'पाताल का रास्ता', जमीन के अंदर बसी है अलग दुनिया, क्या एलियन ने खोले धरती के ये रहस्यमय दरवाजे?

बीजिंग: चीन के दक्षिण-पश्चिमी में स्थित फेंगजी काउंटी में एक ऐसा प्राकृतिक रहस्य छिपा हुआ है, जिसे समझने के लिए दशकों से वैज्ञानिक कोशिश कर रहे हैं। हम बात कर रहे हैं दुनिया के सबसे बड़े रहस्यमय गड्ढों में से एक जियाओझाई तियानकेंग की, जिसके रहस्यों का पता लगाने में शोधकर्ता लगे हुए हैं। चीन में स्थानीय लोग इन्हें पाताल का रास्ता कहते हैं। ये सिंकहोल इतने बड़े हैं कि इनके अंदर एक पूरी अलग दुनिया बसी हुई है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ये जियाओझाई सिंकहोल 660 मीटर गहरा है। इसकी लंबाई 600 मीटर और चौड़ाई 500 मीटर से ज्यादा है। बारिश के समय में इसके ऊपर झरने गिरते देखे जा सकते हैं।स्थानीय लोग प्राचीन काल से ही इस इलाके में स्थित विशाल सिंकहोल के बारे में जानते रहे हैं, लेकिन बाहरी दुनिया से इसका परिचय 1994 में हुआ। हालांकि, आज भी एक्सपर्ट इस बात को लेकर निश्चित नहीं हो पाए हैं कि यह कैसे बने। दक्षिणी पश्चिमी चीन के फेंगजी काउंटी के बाहर हरे-भरे इलाके में आसमान से देखने पर काले धब्बों की एक शृंखला दिखाई देती है। इन्हें देखने पर ऐसा लगता है जैसे एलियन ने धरती पर अपने पैरों के निशान छोड़ रखे हैं। कुछ विशेषज्ञ इस बात पर आश्चर्य जताते हैं कि क्या ये रहस्यमय गड्ढे धरती पर उल्कापिंड के गिरने की वजह से हुए हैं।

लाखों सालों में बनकर हुए तैयार

बहुत से विश्लेषकों का मानना है कि ये गड्ढे 1.28 लाख वर्षों में धीरे-धीरे बने हैं। हजारों सालों में मिट्टी के अंदर से पानी रिस-रिसकर इन चट्टानों की तह तक पहुंच गया और धीरे-धीरे चूना पत्थर को नष्ट कर दिया। अम्लीय पानी की धाराओं ने सुरंगों और गुफाओं की दरारों को और चौड़ा कर दिया जो इतनी बड़ी हो गई कि आखिरकार चट्टान की छत नीचे गिर गई। इससे ये विशाल सिंकहोल खुल गए। इन गड्ढों के बनने के बारे में भले ही अलग विचार हों लेकिन एक बात पक्की है कि चीन का जियाओझाई दुनिया का सबसे गहरा और सबसे बड़ा सिंकहोल है।

तियानकेंग में दुर्लभ जीवों का निवास

लाइव साइंस की रिपोर्ट के अनुसार, चीन में लगभग 200 विशाल सिंकहोल हैं जो मुख्य रूप से मध्य शानशी प्रांत लेकर दक्षिण पश्चिम में गुआंग्शी झुआंग स्वायत्त क्षेत्र तक फैले हुए हैं। स्थानीय भाषा में इन्हें तियानकेंग कहा जाता है जिसका अर्थ है कि स्वर्गीय गड्ढे। इसके किनारे सीधे पाताल लोक में जाते हैं जहां लगभग 1285 पौधे और जानवरों की प्रजातियों के लिए एक संपन्न पारिस्तिथिकी तंत्र विकसित है। इसमें दुर्लभ जिंको से लेकर क्लाउडेट तेंदुआ तक का निवास है।

लगातार बढ़ रही इन विशाल सिंकहोल्स की संख्या

अपने विशाल आकार के बावजूद पहाड़ों और हरे-भरे जंगलों के बीच मौजूद इन तियानकेंग को पहचाना जाना मुश्किल रहा है। यही वजह है कि दर्जनों तियानकेंग की खोज हाल के वर्षों में ही की गई है। सबसे हालिया खोज मई 2022 में गुआंग्शी में हुई थी, जो 2007 से यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का हिस्सा है। जब खोजकर्ताओं की टीम सिंकहोल में उतरी तो उसने पाया कि यह 192 मीटर गहरा और 306 फीट चौड़ा था। सिंकहोल के तल पर 131 फीट (40 मीटर) ऊंची प्राचीन पेड़ों वाला एक प्राचीन जंगल था। अभियान दल का नेतृत्व करने वाले चेन लिक्नि ने शिन्हुआ न्यूज एजेंसी को बताया कि इन गुफाओं में ऐसी प्रजातियां पाई जा सकती हैं, जिनके बारे में अब तक कभी भी वैज्ञानिकों ने रिपोर्ट नहीं किया हो।


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