खुद देते हैं ई-मेल का जवाब... CJI कैसे निपटाते हैं सारे काम, चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ का ऑफिस देख लीजिए

नई दिल्ली: भारत के चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। हम उन्हें उनके बेबाक बोल और कड़े फैसलों के लिए जानते हैं। इससे इतर क्या आपने कभी देखा है? कई लोगों के मन में यह उत्सुकता होगी कि देश के बडे-बड़े फैसले सुनाने वाले धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ काम कैसे करते होंगे। वह कमरा जहां से भारत के शीर्ष न्यायाधीश रोजमर्रा के अदालती मामलों को चलाते हैं। पर्दे के पीछे रहना वाले उनके इस कमरे के बारे में शायद ही किसी को पता हो। एनडीटीवी ने डी वाई चंद्रचूड़ के चेंबर के अंदर का दृश्य दिखाया है। कैसे अपने डेस्क का काम करते हैं। पेपरलेस और डिजिटल कोर्ट के समर्थक चीफ जस्टिस का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहता है। यह सिर्फ कोर्ट रूम तक ही सीमित नहीं है। अदालत का समय सुबह 10:30 बजे से शाम 4 बजे तक होता है, लेकिन यह देश के शीर्ष न्यायाधीश के लिए छुट्टी का समय नहीं होता। प्रशासनिक काम देर शाम तक चलता रहता है और इसमें अक्सर कोर्ट के समय के बाद मीटिंग भी शामिल होती है। भारत के मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ पेपरलेस और डिजिटल कोर्ट के समर्थक हैं। उन्होंने अपने दफ्तर में भी इसकी एक मिसाल पेश की है। उनके कमरे में कम्प्यूटर और टेलीफोन के अलावा आपको कहीं भी फाइलों का ढेर नहीं मिलेगा। उनके कमरे में केवल एक ही फाइल थी, जो उनके हाथ में थी, जिसमें उनके दिन का कार्यक्रम लिखा हुआ था। सुप्रीम कोर्ट के महासचिव अतुल मधुकर कुर्हेकर उनकी बैठकों, अगले दिन की सुनवाईयों और प्रशासनिक कार्यों में उनकी सहायता करते हैं।खुद देते हैं ईमेल का जवाब चीफ जस्टिस की मेज के कोने में रखा हुआ उनका डेस्कटॉप कई उपकरणों में से एक है। जिनकी मदद से वो महत्वपूर्ण मामलों पर फैसले लेते हैं। वो खुद ही अपने ईमेल का जवाब देते हैं और केस फाइलों को देखते हैं। यहां तक कि वो निर्देश भी लैपटॉप के जरिए ही देते हैं। वो यह बताते हुए कहते हैं कि हमारी सभी फाइलें अब इलेक्ट्रॉनिक हैं यानी ई-फाइल्स हैं। लैपटॉप और कंप्यूटर इस्तेमाल करना बहुत आसान है। दरअसल, उनके चैंबर ने भी अदालतों की तरह ही डिजिटल रूप ले लिया है।


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