मोदी सरकार का 'दुष्यंत प्लान', दूर हो गई वसुंधरा राजे की नाराजगी? ऐसे पक रही राजस्थान में सियासी खिचड़ी

जयपुर : देश में लोकसभा चुनाव काफी नजदीक है। बीजेपी ने अपनी पहली सूची जारी कर दी है। इधर, बीजेपी ने राजस्थान में पहली सूची में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत को झालावाड़ बारां लोकसभा सीट से फिर से उनका टिकट रिपीट किया है। दुष्यंत लगातार तीन बार जीत की हैट्रिक बना चुके हैं।इस बीच सियासी चर्चा है कि बीजेपी हाई कमान ने नाराज चल रही वसुंधरा राजे को साध लिया है। माना जा रहा है कि पार्टी ने वसुंधरा राजे को मना लिया है। इसके चलते ही अब वसुंधरा फिर से सक्रिय हो गई है। इसको लेकर अब सियासी गलियारों में हलचल मची हुई है। चर्चा यह भी हैं कि वसुंधरा राजे और पार्टी हाईकमान के बीच बेटे दुष्यंत के राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई समझौता हुआ है।

राजे को मनाने के लिए दुष्यंत को फिर से दिया टिकट

बीजेपी ने राजस्थान में पहली सूची में 15 उम्मीदवारों की घोषणा की। इसमें पांच वर्तमान सांसदों के टिकट काट दिए गए। लेकिन बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत को फिर से रिपीट किया है। इसके पीछे माना जा रहा है कि बीजेपी ने इस कदम से कहीं ना कहीं वसुंधरा राजे की नाराजगी को दूर करने का प्रयास किया है। इसको लेकर सियासी गलियारों में भी हलचल मची हुई है। पहली सूची में पांच सांसदों के टिकट कटने के बाद दुष्यंत का फिर से रिपीट होना तो, कुछ यही संकेत दे रहा है। जिसके बाद वसुंधरा का रुख भी पार्टी के प्रति नरम रवैया दिखाई दे रहा है। इसको लेकर भी कई कयास लगाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल के साथ दिखाई दी वसुंधरा

हाल ही में राजस्थान के विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी ने वसुंधरा राजे को दरकिनार कर भजन लाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद वसुंधरा राजे की नाराजगी सबको देखने को मिली। वसुंधरा ने पार्टी की गतिविधियों से काफी दूरी बना ली। लेकिन पिछले दिनों लोकसभा चुनाव प्रचार के लिए बीजेपी ने 52 रथ रवाना किए। इस दौरान इन रथों को मुख्यमंत्री भंजन लाल शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस कार्यक्रम में वसुंधरा राजे भी मौजूद रही। जो सियासत में काफी चर्चा का विषय रही। माना जा रहा है कि कहीं ना कहीं भाजपा ने वसुंधरा की नाराजगी को दूर कर दिया है। तब ही तो वसुंधरा फिर से पार्टी में सक्रिय दिखाई देने लगी है।

क्या मोदी सरकार में दुष्यंत बनेंगे केंद्रीय मंत्री

विधानसभा चुनाव के बाद वसुंधरा बीजेपी से काफी नाराज रही। वहीं लोकसभा चुनाव नजदीक आने के बाद भाजपा ने वसुंधरा की नाराजगी को समाप्त करने का प्रयास किया। इधर बीजेपी ने पांच सांसदों के टिकट काटे। लेकिन दुष्यंत सिंह का टिकट बरकरार रखा। जो सियासत में चर्चा का विषय है। अब इस बात की चर्चा जोरों पर है कि इस बार यदि मोदी सरकार बनती हैं, तो पर दुष्यंत को केंद्रीय मंत्री बनाया जा सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वसुंधरा अपने बेटे दुष्यंत के राजनीतिक भविष्य को चमकाने के लिए इस डील के बाद खुश दिखाई दे रही है। तभी तो उन्होंने पार्टी के कार्यक्रमों में हिस्सा लेना शुरू कर दिया।


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