सुनील गावस्कर ने बीसीसीआई को दिए कई सुझाव, मान लिए गए तो रणजी खेलने भागते आएंगे खिलाड़ी

नई दिल्ली: पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज रहे ने से घरेलू क्रिकेटरों, खासकर प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने वालों के लिए मिलने वाली राशि को तीन गुना करने की मांग की है। उन्होंने टेस्ट क्रिकेटरों के लिए बीसीसीआई द्वारा हाल ही में की गई घोषणा का स्वागत करते हुए कहा, 'यह बीसीसीआई द्वारा खेलने वाले खिलाड़ियों को इनाम देने के लिए बहुत अच्छी बात है, लेकिन मैं बीसीसीआई से यह भी अनुरोध करूंगा कि टेस्ट टीम के लिए खिलाड़ी तैयार करने वाली का भी ध्यान रखा जाए।'

सैलरी बढ़ाने पर बोले गावस्कर

टेस्ट में दस हजार रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने कहा, 'अगर रणजी ट्रॉफी की फीस दोगुनी या तिगुनी कर दी जाए, तो निश्चित रूप से बहुत अधिक लोग रणजी ट्रॉफी खेलेंगे और रणजी ट्रॉफी से कम खिलाड़ी बाहर होंगे। क्योंकि अगर रणजी ट्रॉफी का मैच फीस अच्छी हो, तो अलग-अलग कारणों से कम खिलाड़ी बाहर होंगे।'उन्होंने ने राहुल द्रविड़ के इस विचार का भी समर्थन किया कि बीसीसीआई की घोषणा को रेड-बॉल क्रिकेट खेलने के लिए इनाम देने के बजाय सम्मान के रूप में देखा जाए। उन्होंने कहा कि अगर रणजी खिलाड़ियों को सही मुआवजा दिया जाए, तो हाल ही में देखे गए जितने खिलाड़ी बाहर हुए हैं, उतने बाहर नहीं होंगे, खासकर इशान किशन जैसे खिलाड़ी। उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि धर्मशाला में घोषणा के समय राहुल द्रविड़ ने जो कहा था, वो सही है। उन्होंने इसे इनाम देने के बजाय सम्मान के रूप में देखना पसंद किया। हर कोई एक स्लैब प्रणाली के साथ खेलना चाहेगा, हर 10 प्रथम श्रेणी मैच के बाद उन्हें इतना अधिक मिलेगा। इसलिए मैं बीसीसीआई से अनुरोध करूंगा कि वे इस पहलू पर भी गौर करें।'

मैच के बीच में रहे लंबा गैप

सुनील गावस्कर ने रणजी मैचों के बीच लंबा अंतर रखने के विचार का भी समर्थन किया, जो कई टीमों के खिलाड़ी मांग रहे हैं। उन्होंने कहा, 'तीन दिन के अंतर में तो एक दिन तो ट्रैवल में ही चला जाता है। ऐसे में फिजियो से मिलने और चोट से उबरने में उनकी मदद लेने का समय नहीं मिलता है। इसलिए, शायद थोड़ा और लंबा अंतर होना चाहिए ताकि खिलाड़ी को फिट होने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।'उन्होंने सुझाव दिया कि रणजी सीजन अक्टूबर में शुरू होकर दिसंबर के मध्य तक चले। उन्होंने आगे कहा- मेरी राय है कि रणजी ट्रॉफी अक्टूबर से दिसंबर के मध्य तक कराई जाए और फिर सफेद गेंद की प्रतियोगिताएं कराई जाएं। इस तरह से भारतीय टीम को छोड़कर बाकी सभी खिलाड़ी खेलने के लिए उपलब्ध होंगे। बाहर होने का कोई बहाना नहीं होगा। जनवरी से लिस्ट ए मैच होंगे तो आईपीएल में खेलने वाले खिलाड़ियों को फायदा मिलेगा।


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