महाराष्ट्र में AIMIM ने अपने इकलौते सांसद की घोषित की सीट, मीरा रोड वाला क्षेत्र मांग रहे थे इम्तियाज जलील

मुंबई: ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने लोकसभा चुनावों के अपने तीन उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी की पहली सूची में कुल तीन नाम शामिल हैं। इनमें पत्रकारिता से राजनीति में आए को फिर पार्टी ने औरंगाबाद से उम्मीदवार बनाया है। इम्तियाज जलील ने मुंबई से सटी ठाणे की सीट से लड़ने की इच्छा व्यक्त की थी। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले जब मीरा रोड पर हिंसा हुई थी और बुलडोजर एक्शन सामने आया था तब इम्तियाज जलील ने इसी इलाके से लड़ने की इच्छा जाहिर की थी। इम्तियाज जलील के फिर औरंगाबाद से उम्मीदवार घाेषित होने के बाद चर्चा है कि ठाणे सीट से AIMIM किसे उम्मीदवार बनाएगी? इम्तियाज जलील महाराष्ट्र में AIMIM के इकलौते सांसद हैं। पार्टी ने पहली सूची में उनकी उम्मीदवारी जाहिर की। दो अन्य नामों में पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन औवेसी (हैदराबाद) और अख्तरुल ईमान (किशनगंज) का नाम शामिल है। छह लोकसभा सीटों लड़ेगी AIMIM ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने महाराष्ट्र की छह लोकसभा सीटों पर लड़ने की तैयारी की है। पार्टी मुंबई, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़, धुले के अलावा पार्टी महाराष्ट्र के पूर्वी हिस्से में विदर्भ निर्वाचन क्षेत्र लड़ना चाहती है। 2019 में लोकसभा चुनावों में ने अविभाजित शिवसेना के उम्मीदवार चंद्रकांत खैरे को हराया था। इम्तियाज जलील कांटे के संघर्ष में महज 4,492 वोटों से जीते थे। 1999 से औरंगाबाद की सीट पर काबिज को पहली बार हार का सामना करना पड़ा था। क्या है औरंगाबाद सीट का गणित? 2019 में जब AIMIM ने औरंगाबाद की सीट पर जीत हासिल की थी तो पार्टी को प्रकाश आंबेडकर की अगुवाई वाली वंचित बहुजन आघाड़ी का भी समर्थन हासिल था। इस बार AIMIM महाराष्ट्र में अकेले चुनाव लड़ रही है। वंचित बहुजन आघाड़ी के MVA के साथ रहने की उम्मीद है। औरंगाबाद सीट की बात करेंगे तो इसमें कुल छह विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें एक सीट अनुसूचित जाति के आरक्षित है। लोकसभा की चार सीटों को शिवसेना ने जीता था। इसमें तीन विधायक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के साथ है, जब एक विधायक उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी के साथ हैं। बाकी दो सीटें बीजेपी के पास हैं। महाविकास अघाड़ी की तरफ से एक बार फिर से यह सीट शिवसेना यूबीटी के पास रहने की उम्मीद है। तो वहीं महायुति में यह सीट सीएम शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के खाते में जाने की उम्मीद है। ऐसे में औरंगाबाद में त्रिकोणीय लड़ाई की संभावना बन रही है।


from https://ift.tt/rMzoHwv

Comments

Popular posts from this blog

आध क गलत सचन और करयकरम म एक घट क दर स पहच सएम गहलत फर हआ एकशन