जोगी बनकर भोले-भाले मां-बाप का दिल दुखा रहे, ठगों का ये गैंग बड़ा शातिर है

अमेठी: उत्‍तर प्रदेश के अमेठी जिले में कुछ दिन पहले ठगी करने का ऐसा अनोखा मामला सामने आया कि जिसने सुना अपना सिर पकड़ लिया। 22 साल पहले गायब हुए बेटे के नाम पर दो ठग गोंडा से खरौली गांव में साधु बनकर पहुंचे। ठग नफीस गांव के उस परिवार के घर गया जिसका बेटा पिंकू दिल्‍ली से गायब हो गया था। साधु वेशधारी नफीस ने खुद को पिंकू बताया और घरवालों को विश्‍वास में ले लिया। भिक्षा लेकर जब नफीस वापस जाने लगा तो माता-पिता ने रोते हुए उसे रुक जाने के लिए कहा। इस पर नफीस ने बताया कि झारखंड के जिस मठ में वह रहता है, अगर उन्‍हें 10 लाख रुपये दे दिए जाएं तो उसे घर रहने की इजाजत मिल जाएगी। भावुक पिता ने जमीन बेचकर पैसे का इंतजाम किया ताकि सालों पहले बिछड़ा बेटा उनके साथ रह सके। पर कुछ दिन बाद जब नफीस पैसे लेने आया तो उसका भांडा फूट गया। साधु बनकर ठगी करने वाले इस गिरोह ने पहले भी कई वारदात को अंजाम दिया है। आइए आपको बताते हैं:

मिर्जापुर

29 जुलाई, 2021 को नफीस का भाई राशिद साधु बनकर मिर्जापुर के चुनार में गांव सहसपुरा परसोधा पहुंचा। यहां रहने वाले बुधिराम विश्‍वकर्मा का बेटा अन्‍नू 14 साल पहले गायब हो गया था। अन्‍नू के नाम पर राशिद इस घर में कुछ दिन रुका और लाखों रुपये का सामान लेकर भाग गया था।

वाराणसी

इसी तरह की एक घटना वाराणसी के चोलापुर इलाके में सामने आई थी। 14 जुलाई, 2021 में हाजीपुर गांव निवासी कल्‍लू राजभर को बेटा सुनील 15 साल पहले घर से गायब हो गया था। गोंडा निवासी नफीस का ससुर यहां साधु के वेश में पहुंचा था। उसने खुद को कल्‍लू का बेटा सुनील बताया और फिर लूटपाट कर भाग निकला।

दरभंगा

दो महीने पहले बिहार के दरभंगा जिले में एक परिवार के पास साधु के वेश में एक शख्‍स आता है। वह 20 साल पहले गायब हुए चाचा के रूप में अपना परिचय देता है। भावुक परिवार चाचा को घर में रहने के कहता है। इस पर साधु उन्‍हें बताता है कि घर लौटने के लिए वह दो लाख रुपये का भंडारा कराना पड़ेगा। दो लाख रुपये लेकर साधु घर से निकल जाता है और वापस कभी लौटकर नहीं आता।

हजारीबाग

अक्‍टूबर, 2020 में झारखंड के हजारीबाग के झारपो निवासी कौलेश्‍वर मिश्र के घर शरीफ नामक शख्‍स आता है। उसने खुद को 17 साल पहले गायब हुआ परिवार का बेटा सुबोध बताया। शरीफ भी भंडारा कराने के नाम पर घर से मोटा पैसा लेकर भाग जाता है। घरवाले उसका इंतजार ही करते रह जाते हैं।

पलामू

कुछ इसी तरह का केस झारखंड के पलालू जिले में भी सामने आता है। यहां रहने वाले अभिमन्‍यु सिंह के यहां दो साल पहले एक साधु आया। वह खुद का परिचय 20 साल पहले गायब हुए दादा के रूप में देता है। वह भी भंडारा कराने की बात कह रुपये और सोना लेकर निकल लेता है।


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