वो रुपये देने की बात कहकर जाल बिछाएंगे, फंस मत जाना.. साइबर क्राइम के ठगों से सतर्क रहना!

नई दिल्ली: रुपये आते किसी को बुरे नहीं लगते। इसलिए जब कोई रुपये देने की बात कर रहा हो तो कोई भी ज्यादा गौर नहीं करता। बस लोगों के इस आम रवैया का ही फायदा देश के कोन-कोने में बैठे साइबर ठग उठा रहे हैं। इन दिनों साइबर ठगी का यह तरीका ट्रेंड में है, जिसमें ठग आपके रिश्तेदार या जानकार को रुपये देने के नाम पर आपको चूना लगा रहे हैं। इसलिए जब कोई कॉल कर रुपये देने की बात करे तो सावधान हो जाएं। कैसे कर रहे हैं आरोपी यह ठगी, आप कैसे इनसे बच सकते हैं, इन्हीं बातों पर आधारित है यह विशेष रिपोर्ट।

ऐसे करते हैं ठगी

'हेलो, आपके पिता को रुपये देने थे, उन्होंने आपका नंबर देकर आपको रुपये भेजने के लिए कहा है।' ये ठग आजकल इसी तरह की कॉल लोगों को कर रहे हैं। वह साथ में आपके पिता, किसी रिश्तेदार या किसी जानकार का बकायदा नाम भी लेते हैं। जिससे कॉल सुनने वाला आसानी से उनके झांस में आ जाता है। फिर सामने वाला रुपये देने की बात कर रहा होता है, इस कारण भी ज्यादातर लोग इस पर गौर नहीं करते। जिसके पास कॉल आई होती है वह बोलता है रुपये भेज दो। इसलिए वह आरोपी को अपनी यूपीआई आईडी या क्यूआर कोड भी दे देता है। यहां तक सब ठीक होता है। लेकिन कुछ देर बाद जब आरोपी बोलता है कि रकम ट्रांसफर हो गई है और बकायदा टारगेट के पास रुपये क्रेडिट होने का मैसेज भी आता है।

मैसेज ही है छलावा

दिल्ली पुलिस के साइबर थाने में तैनात एक पुलिस सूत्र ने बताया कि लोगों के पास जो रुपये क्रेडिट होने का मैसेज आता है। असल में वो एक पॉप मैसेज होता है। जिसे जालसाज ही जनरेट करते हैं। इसकी भाषा, शैली वैसे ही होती है, जैसे किसी बैंक से आए मैसेज की होती है। यही कारण है कि किसी को संदेह नहीं होता और वे आरोपियों के जाल मे फंस जाते हैं।

एक शून्य से करते हैं खेल

सूत्र ने बताया, ज्यादार मामलों में एक शून्य के जरिए ठगी करने की बात सामने आई है। जैसे 5000 की जगह 50000 रुपये ट्रांसफर हो गए। पीड़ित के पास जो मैसेज आया होता है, उसमें 50,000 रुपये क्रेडिट होने का ही जिक्र होता है। पीड़ित को लगता है कि गलती से ज्यादा रकम आ गई है। इसलिए वह बिना जांच किए 45 हजार रुपये आरोपी को वापस भेज देता है। बाद में जब अकाउंट चेक करता है तो पता चला है कि 50,000 क्या 5 हजार भी अकाउंट में नहीं आए थे। कुछ मामलों में आरोपियों ने पीड़ित की ट्रांजैक्शन कैंसिल हो जाने का मैसेज भेजकर 2 बार 45 हजार रुपये रुपये ट्रांसफर करवाए।

ऐसे कर सकते हैं बचाव

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि ठगी के इस ट्रेंड से बचने के लिए थोड़ी सी समझदारी की जरूरत है। अगर आपके पास ऐसी कोई कॉल आती है और कोई आपके रिश्तेदार या जानकार का नाम लेता है तो उसे कह दें कि मैं उनसे पहले बात कर लूं फिर संपर्क करता हूं। अगर किसी कारण आपका अपने जानकार से संपर्क नहीं भी हो पाता है तो जब आरोपी रुपये क्रेडिट होने का मैसेज भेजता है तो अपने बैंक अकाउंट का बैलेंस चेक जरूर कर लें।

हाल ही में हुईं कुछ घटनाएं

- एक 25 वर्षीय युवती से एक लाख रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने पिता की एलआईसी के रुपये देने का झांसा देकर युवती को अपने जाल में फंसाया और वारदात को अंजाम दिया। साउथ डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस मामले की जांच कर रही है।- एक बिजनेसमैन की पत्नी को साइबर ठगों ने पति के नाम पर ही 90 हजार रुपये का चूना लगा दिया। जालसाजों ने महिला के पास कॉल करके कहा, आपके पति ने आपको पैसे भेजने के लिए कहा है। बस फिर क्या महिला आरोपियों के जाल में फंस गईं। ईस्ट डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस मामले की जांच कर रही है।- दिल्ली की 24 वर्षीय स्टूडेंट को भी पिता को पैसे देने का झांसा देकर 45 हजार रुपये ठग लिए गए थे। इस मामले में नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस ने केस दर्ज आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।


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