आंध्र प्रदेश में क्या भाई-बहन के बीच होगा मुकाबला, जानें 2024 के चुनावों को लेकर क्यों लग रही हैं ऐसी अटकलें?

अमरावती: 2024 के आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनावों में क्या फैमिली फाइट देखने को मिलेगी? आंध्र प्रदेश की राजनीति में यह सवाल अमरावती से लेकर हैदराबाद तक चर्चा में है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्‌डी के बेटे जगनमोहन रेड्‌डी अभी मुख्यमंत्री हैं, लेकिन पिछले दिनों राजशेखर रेड्‌डी की बेटी वाई एस शर्मिला ने कांग्रेस में अपनी पार्टी का विलय कर लिया था। शर्मिला के कांग्रेस में शामिल होने के बाद से ही उन्हें आंध्र कांग्रेस में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की अटकलें लग रही थीं, अब आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जी रुद्र राजू के इस्तीफे के बाद चर्चा है कि वाई एस शर्मिला राज्य में कांग्रेस की कमान संभाल सकती है। कांग्रेस में शामिल होने के मौके पर उन्होंने राहुल गांधी की तारीफ की थी। इस मौके पर शर्मिला ने कहा था कि उनके पिता का सपना था कि राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बने। कांग्रेस में शामिल होने पर शर्मिला का गर्मजोशी से स्वागत हुआ था। राजनीतिक हलकों में जो चर्चा है उसके अनुसार शर्मिला के नाम का ऐलान इस महीने के आखिर तक हो सकता है। केंद्रीय नेतृत्व को भेजा है इस्तीफा आंध्र प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जी रुद्र राजू ने अपने इस्तीफा केंद्रीय नेतृत्व को भेजा है। राजू ने शार्मिला के कांग्रेस में आने पर उनका स्वागत किया था और कहा कि उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी। राजू के इस्तीफे के बाद अब इस बात की संभावना बढ़ गई है कि राज्य विधानसभा चुनावों में फैमिली फाइट देखने को मिल सकती है। ऐसे में आंध्र प्रदेश के विधानसभा चुनावाें वाईएसआर की विरासत का भी फैसला होगा। राज्य में कांग्रेस काफी कमजोर हैं। एक वक्त पर राज्य में कांग्रेस की सरकार थी, लेकिन वाई एस जगन मोहन रेड्‌डी के उभार के साथ ही कांग्रेस कमजोर होती चली गई, एक दशक में कांग्रेस राज्य में अपनी पूरी हैसियत गंवा बैठी। राज्य में कभी अपने भाई को सीएम बनने के लिए उतरी शर्मिला जुलाई, 2021 में अलग हो गई थी और उन्होंने पड़ोसी राज्य में अपनी राजनीतिक सक्रियता सुनिश्चित की थी। कांग्रेस ने जी रुद्र राजू को नवंबर, 2022 में आंध्र प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया था। लोकसभा के साथ होने हैं विधानसभा चुनाव आंध्र प्रदेश में लोकसभा चुनाव के बाद साथ ही विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। अगर लोकसभा चुनाव पहले होते हैं तो फिर आंध्र प्रदेश विधानसभा के चुनाव समय पर होंगे। आंध्र प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 11 जून 2024 को समाप्त हो रहा है। राज्य में पिछला विधानसभा चुनाव अप्रैल 2019 में हुआ था। कांग्रेस में शामिल होने के बाद वाईएस शर्मिला बड़ी जिम्मेदारी लेने के संकेत दे चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि वह कहीं भी काम करने के लिए तैयार हैं जहां कांग्रेस पार्टी उन्हें मैदान में उतारे, चाहे वह अंडमान और निकोबार द्वीप समूह हो या कोई और जगह। शर्मिला के आने के बाद जिस तरह से कांग्रेस के अध्यक्ष ने अपनी कुर्सी छोड़ी है। उससे संकेत हैं कि वाई एस शर्मिला आंध्र कांग्रेस की अध्यक्ष बन सकती हैं।


from https://ift.tt/pAjUqc0

Comments

Popular posts from this blog

आध क गलत सचन और करयकरम म एक घट क दर स पहच सएम गहलत फर हआ एकशन