गुस्‍साए हेनरी किसिंजर की एक धमकी और पाकिस्‍तान में गिर गई थी भुट्टो सरकार, जानें पूरी कहानी

वाशिंगटन: की मौत के बाद दुनियाभर में किए उनके कामों की चर्चा हो रही है। 100 साल की उम्र में आखिरी सांस लेने वाले इस डिप्लोमैट ने 70 के दशक में अमेरिका ही नहीं दुनिया के कई देशों की राजनीतिक हालात बदलकर रख दिए थे। यहां तक कि पाकिस्तान भी किसिंजर से नहीं बच पाया था। किसिंजर और अमेरिका ने 1971 के भारत-पाक युद्ध में इंडियन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को डराने के लिए खुलकर पाकिस्तान की मदद की थी। हालांकि कुछ साल बाद ही पाकिस्तान की भुट्टो सरकार से अमेरिकी रिश्ते तल्ख हुए और हालात ऐसे हो गए कि किसिंजर ने जुल्फिकार अली भुट्टो को धमकी दे डाली। हेनरी किसिंजर के बारे में ब्रेन ऐलन ने ट्विटर बात करते हुए उनके पांच ऐसे फैसलों का जिक्र किया है, जो हजारों लोगों की मौत की वजह बने। ब्रेन ऐलन के इस ट्वीट को रीट्वीट करते हुए पाकिस्तान के मशहूर पत्रकार हामिद मीर ने कहा है कि इन पांच विनाशकारी घटनाओं को याद करना महत्वपूर्ण है लेकिन 1976 में पाकिस्तान की चुनी हुई भुट्टो सरकार के खिलाफ किसिंजर का जो रोल था, उसे भी याद किया जाना चाहिए। किसिंजर ने सीधे जुल्फिकार भुट्टो को धमकी दी थी, जिसकी चश्मदीद खुद उनकी बेटी बेनजीर भुट्टो थीं। इस घटना के एक साल के अंदर ही पाकिस्तान में 1977 में जुल्फिकार भुट्टो की सरकार गिर गई थी और फिर जियाउलहक का सैन्य शासन आ गया था। किसिंजर की जुल्फिकार को ये क्या धमकी थी, ये बताते हुए मीर ने इस घटना से जुड़ी फ्राइडे टाइम्स की रिपोर्ट शेयर की है।

1976 में पाकिस्तान आए थे किसिंजर

हेनरी किसिंजर अगस्त 1976 में पाकिस्तान आए थे और इस दौरान उनकी पाक पीएम जुल्फिकार अली भुट्टो से बहस हुई थी, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान को भयानक अंजाम भुगतने की धमकी की थी। ये बात खुद जुल्फिकार अली भुट्टो की बेटी और पाक की पूर्व पीएम बेनजीर भुट्टो ने इंटरव्यू में कही थी। उन्होंने कहा था कि अपने पिता और किसिंजर के बीच तीखी नोकझोंक की वह खुद चश्मदीद थीं। इस धमकी की वजह रीप्रोसेसिंग प्लांट डील थी। इस डील पर पाकिस्तान और अमेरिका में ठन गई थी। पाकिस्तान इस पर आगे बढ़ना चाहता था लेकिन अमेरिका इससे खुश नहीं था और इसे रोकना चाहता था। जुल्फिकार भुट्टों ने खुद 10 जून 1977 को रीप्रोसेसिंग प्लांट डील को रद्द करने में अमेरिकी दबाव के सवाल पर नेशनल असेंबली में कहा था कि अमेरिकी विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर ने वाशिंगटन में पाकिस्तान के राजदूत को चेतावनी दी थी कि अगर ये डील कैंसिल नहीं हुई तो पाकिस्तान को बहुत बुरे अंजाम भुगतने होंगे। बेनजीर भुट्टो और जुल्फिकार भुट्टो के किसिंजर की धमकी पर बयानों में दो फर्क है कि ये सीधे हुआ था या राजदूत के जरिए धमकी दी गई थी। माना जाता है कि किसिंजर ने सीधे तौर पर जुल्फिकार भुट्टो को धमकी दी थी और उनकी सरकार का तख्तापट भी इससे जुड़ा है। 1977 में सरकार के तख्तापलट के बाद जियाउल हक के सैन्य शासन में 1979 में जुल्फिकार भुट्टो को फांसी दे दी गई थी।


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