विदेशों में छठ व्रतियों के लिए 'वरदान' बनी ऑनलाइन शॉपिंग, ठेकुआ के लिए भारत से मंगाते ये खास चीज

पटना: ऑनलाइन शॉपिंग मार्केट के विस्तार और वैश्वीकरण के साथ विदेशों में छठ सहित दूसरे भारतीय त्योहारों को मनाना अब आसान हो गया है। ऑनलाइन शॉपिंग न केवल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का एक प्रभावी तरीका बन गई है, बल्कि विदेशी भक्तों को बिना किसी कठिनाई के आसानी से पूजा सामग्री भी मिल जाती है। जापान के हमामात्सू में रहने वाले बिनय कुमार कहते हैं, 'लगभग 20 साल पहले जब मैं जापान पहुंचा, तो यहां सत्यनारायण कथा का आयोजन करना भी बहुत कठिन था। पहले, हमें छठ सहित पूजा सामग्री खरीदने के लिए यहां से लगभग 245 किमी दूर टोक्यो में एक भारतीय दुकान पर जाना पड़ता था।'बिनय कुमार गया के रहने वाले हैं। इनका बोधगया में होटल व्यवसाय है। बिनय कहते हैं कि, 'अब, हम छठ का सारा सामान टोक्यो से ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं। चाहे वह बांस हो या धातु मोरम, सूखा नारियल - सब कुछ जापान में ऑनलाइन उपलब्ध है। हालांकि हम ठेकुआ बनाने के लिए गुड़ का शरबत सीधे बिहार से ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं। अब छठ मनाने के लिए कोई दिक्कत नहीं होती है। यह ऑनलाइन शॉपिंग का फायदा है।'

जापान में अपने दोस्तों को ऑनलाइन भेजती हूं पूजा सामग्री: श्रद्धा

पांच साल तक जापान में रहीं श्रद्धा सिन्हा ने भी ऐसा ही किया। श्रद्धा सिन्हा ने कहा, 'मैंने जापान में कभी छठ नहीं मनाया, लेकिन त्योहार में सक्रिय रूप से भाग लिया। मैंने यहां छठ मनाने वाले अपने दोस्तों के लिए ऑनलाइन पूजा सामग्री का ऑर्डर दिया। भारत आने के बाद भी मैं अभी भी जापान में अपने बिहार के दोस्तों को पूजा सामग्री भेजती हूं।'

अमेरिका में मंदिरों में सामुदायिक पूजा के रूप में मनाया जाता छठ

अमेरिका में छठ को विभिन्न मंदिरों में सामुदायिक पूजा के रूप में मनाया जाता है। अमेरिका के सिएटल में रहने वाली अनुराधा मौर्य कहती हैं, 'जब मैं लगभग 20 साल पहले यहां आयी थी, तो छठ घरों में व्यक्तिगत रूप से मनाया जाता था। लेकिन 2016 में हमने बिहार और पूर्वी यूपी के लोगों का एक ग्रुप बनाया है। अब हम लोगों को सभी अनुष्ठानों को संयुक्त रूप से करने के लिए थोड़ा-थोड़ा दान कर रुपये जमा कर लेते हैं।'अनुराधा मौर्य कहती हैं कि अब हमारा ग्रुप बेलेव्यू और बोथेल के मंदिरों में त्योहार मनाता है। अनुराधा के पति दीपक कुमार अमेरिका में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। अनुराधा की दोस्त वर्षा के पति भी अमेरिका में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वर्षा वर्मा का कहना है कि पूजा का सामान ज्यादातर यहां भारतीय दुकानों पर मिल जाता है, जिसे हम लोग खरीद लेते हैं। यूके में भी श्वेतांक मिश्रा और उनके दोस्त ऐसा ही करते हैं। बर्मिंघम के एक बैंकर श्वेतांक कहते हैं कि 'हमारे पास बिहार के लोगों का एक छोटा ग्रुप है। हम बर्मिंघम में हर त्योहार एक साथ आयोजित करते हैं। हम सभी छोटी पूजा सामग्री जैसे, रोली, चंदन, मौली धागा, मिश्री, मुकुंदन भारतीय बाजारों से थोक में ऑनलाइन खरीदते हैं और उन्हें अपने इलाके के मंदिरों में रखते हैं। ताकि ये चीजें कभी कम नहीं पड़तीं।'


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