लखीमपुर हिंसा: दिल्‍ली में बीमार मां-बेटी का इलाज करा सकते हैं आशीष मिश्र, UP आने पर रोक बरकरार

लखीमपुर: यूपी के लखीमपुर खीरी में 2021 में हुई हिंसा से जुड़ा नया अपडेट आया है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए इस कांड के मुख्‍य आरोपी आशीष मिश्र को थोड़ी राहत प्रदान की है। बेंच ने आशीष मिश्र के ऊपर दिल्‍ली-एनसीआर में प्रवेश करने संबंधी लगी रोक को हटा लिया है। हालांकि यूपी में प्रवेश पर रोक जारी रहेगी। शीर्ष अदालत ने कहा कि मिश्र दिल्‍ली में अपनी बीमार मां की देखभाल करने और बेटी का इलाज कराने के लिए यहां रुक सकते हैं। बेंच ने शर्त लगाई है कि वह किसी भी सार्वजनिक समारोह में भाग नहीं लेंगे या मीडिया को संबोधित नहीं करेंगे।गौरतलब है कि 3 अक्टूबर, 2021 को लखीमपुर खीरी के तिकोनिया मोड़ के पास 4 किसानों की एसयूवी से कुचलने से मौत हो गई थी। किसान प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान उन पर एसयूवी चढ़ा दिया गया था। इसके बाद भड़की हिंसा में तीन भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और एक पत्रकार की भी मौत हो गई। इस हिंसा मामले में आशीष मिश्रा मोनू को मुख्य आरोपी बनाया गया था। आशीष मिश्रा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के पुत्र हैं। सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने के साथ ही उन्हें उत्तर प्रदेश में रहने पर पाबंदी लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले आशीष मिश्रा के दिल्ली में रहने पर भी पाबंदी लगाई थी जिसे अब हटा लिया गया है।

सशर्त मिली है जमानत

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी आशीष मिश्रा को सशर्त अंतरिम जमानत दी थी। आशीष मिश्रा या उनके परिवार को लखीमपुर खीरी केस मामले में संबंधित पक्षों से भी दूर रहने का निर्देश दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आशीष मिश्रा या उसके परिवार ने अगर मामले से जुड़े गवाहों को प्रभावित करने जैसे प्रयासों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ट्रायल में देरी करने की कोशिश करने पर भी आशीष मिश्रा की जमानत रद्द कर दी जाएगी।


from https://ift.tt/if2UkIC

Comments

Popular posts from this blog

आध क गलत सचन और करयकरम म एक घट क दर स पहच सएम गहलत फर हआ एकशन