दिल्‍ली एयरपोर्ट पर T1 और T3 को जोड़ेगी 'हवा में चलने वाली ट्रेन'? प्‍लान समझ लीजिए

नई दिल्ली: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एयर ट्रेन चलाने की योजना है। ये एयर ट्रेन टर्मिनल-1 को टर्मिनल-3 से जोड़ेंगी। चार स्टेशनों वाली एयर ट्रेन का रूट 6 किमी का होगा। एयर ट्रेन आने के बाद यात्रियों को एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल पहुंचना आसान हो जाएगा। अभी एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल जाने के लिए शटल चलती है, जिससे काफी वक्त लग जाता है। फिलहाल ये सुविधा शिकागो, शंघाई और फ्रेंकफर्ट जैसे शहरों में है। दिल्ली एयरपोर्ट पर जल्द ही ये सुविधा शुरू होगी। पिछले कई सालों से एयरपोर्ट प्रशासन इसकी तैयारी कर रहा है। दिल्ली एयरपोर्ट पर एयर ट्रेन कैसे चलेगी आइए बताते हैं।उड्डयन मंत्रालय को भेजा गया प्रस्तावदिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने ऑटोमेटेड पैसेंजर मूवर (APM) के लिए अपना प्रस्ताव नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भेजा था। मंत्रालय के एक सूत्र ने खुलासा किया कि उन्होंने प्रस्ताव पर अपना जवाब दे दिया है। जानकारों का कहना है कि DIAL को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के इस प्रस्ताव पर विचार करने के लिए कहा गया है। टर्मिनल-1 से टर्मिनल-4 तक चलेगी एयर ट्रेनएक सूत्र ने बताया, इस प्लान के मुताबिक टर्मिनल-1, एयरोसिटी, कार्गो टर्मिनल और टी-3 चार स्टेशन बनाए जाएंगे। वहीं एयर ट्रेन का रूट 6 किमी लंबा होगा। इस प्रोजेक्ट के लिए फंड की कमी है, इसलिए 3400 करोड़ के इस प्रोजेक्ट की रकम यूडीएफ के माध्यम से वसूली जाएगी। बताया जा रहा है कि एयर ट्रेन के विकल्प की स्टडी करने के लिए DIAL ने सिंगापुर के 6 स्टेशनों वाले 8 किमी के रूट को देखा। इसके लिए सिंगापुर के एक्सपर्ट्स की भी मदद ली गई। फंडिंग से जुड़ा फैसला मंत्रालय के हाथों मेंइसके अलावा एयरोसिटी के होटल और ऑफिस में दो एडिशनल स्टॉप भी प्रस्तावित हैं, जिनका विस्तार किया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि इन दोनों स्टॉपों ने बढ़ती संख्या के कारण फंडिंग देने की पेशकश की और DIAL प्रोजेक्ट की लागत के 2,500 करोड़ रुपये की वसूली कर सकता है। इससे यूडीएफ द्वारा कवर किए जाने वाले करीब 1,000 करोड़ रुपये बच जाएंगे। DIAL ने अंतिम फैसले के लिए इन दोनों ऑप्शन को मंत्रालय के पास भेज दिया है। अभी तक DIAL को मंत्रालय की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय हवाईअड्डा आर्थिक नियामक प्राधिकरण (एईआरए) को प्रोजेक्ट के लिए यूडीएफ से रकम जुटाने के लिए कह सकता है।ज्यादातर देशों में फ्री है सुविधाबता दें कि दुनियाभर के एयरपोर्ट पर टर्मिनलों के बीच यात्रियों के आने-जाने के लिए एयर ट्रेन की सुविधा फ्री है। हालांकि एयरपोर्ट दो माध्यम से पैसे जुटाता है। एक लैंडिंग और पार्किंग शुल्क के माध्यम से दूसरा यूडीएफ के माध्यम से। उदाहरण के लिए मुंबई एयरपोर्ट में यूडीएफ में मेट्रो से घरेलू फ्लाइट पकड़ने के लिए 20 रुपये वहीं इंटरनेशनल के लिए 120 रुपये वसूले जाते हैं। यह फीस 2016 से फरवरी 2023 तक थी। इस तरह मेट्रो कनेक्टिविटी के लिए 518 करोड़ रुपये जुटाए गए थे और बाद में इसे बंद कर दिया गया।


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