काकोली घोष दास्तीदार कौन हैं, जिसने BJP सांसद बृजभूषण सिंह को बीच बहस में लपेट लिया

नई दिल्ली : महिला आरक्षण बिल पर दूसरे दिन भी चर्चा जारी रही। दूसरे दिन महिला सांसदों ने अपनी पार्टी लाइन पर इस बिल के समर्थन में अपनी राय रखी। इस दौरान बारासात की ने सरकार पर तीखे हमले किए। उनके भाषण के दौरान कई ऐसे मौके आए, जब सदन में हंगामा हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से लगातार महिलाओं को नीचा दिखाने की कोशिश की जा रही है। सरकार की तरफ से बार-बार दोहराया जा रहा है कि महिलाएं पुरुषों के बराबर नहीं है। काकोली घोष दास्तीदार ने महिला पहलवानों के उत्पीड़न के मुद्दे को उठाया। काकोली घोष ने कहा कि महिलाओं का उत्पीड़न करने वाले बीजेपी सांसद के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि आईआईटी खड़गपुर और इसरों की महिला वैज्ञानिकों को सैलरी नहीं मिल रही है। हालांकि बाद में केंद्रीय मंत्री किरण रिजजू ने उनके आरोपों का खंडन किया। किरण रिजजू ने कहा कि काकोली घोष दास्तीदार भ्रामक बयानबाजी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इसरो के सभी साइंटिस्ट को हमेशा तय समय पर सैलरी मिल रहे हैं। टीएमसी सांसद काकोली घोष दास्तीदार ने बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय के पुराने ट्वीट को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी शुरू से ही महिला आरक्षण बिल का विरोध करती रही है। उन्होंने आंकड़ों से भी बीजेपी को घेरा और पश्चिम बंगाल सरकार का बचाव किया। काकोली घोष दास्तीदार ने दावा किया कि कोलकाता में महिला उत्पीड़न के केस सबसे कम हैं जबकि यूपी और राजस्थान में सबसे ज्यादा है। बता दें कि टीएमसी सांसद काकोली घोष दास्तीदार 2009 से लगातार पश्चिम बंगाल की बारासात सीट से चुनाव जीत रही हैं। वह पेशे से डॉक्टर हैं। उनके पति सुदर्शन घोश दास्तीदार भी राजनेता और डॉक्टर हैं। उनके परिवार के तीन पीढियां राजनीति से जुड़ी है। महंगाई के मुद्दे पर अपने अनोखे विरोध के लिए वह चर्चित रही थी। उन्होंने संसद में कच्चा बैंगन चबाकर महंगाई का विरोध किया था।


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