यप म लव जहद पर सखत हई यग सरकर... धरम परवरतन क उददशय स हई शद त हग अवध करर अब तक 833 अरसट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लव जिहाद के मामलों पर कार्रवाई को तेज किया गया है। उत्तराखंड में लव जिहाद पर मचे घमासान और बढ़ रहे सांप्रदायिक तनाव की स्थिति के बीच उत्तर प्रदेश के धर्मांतरण कानून की चर्चा तेज हुई है। इस मसले पर योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी हैं। धर्मांतरण के मामलों में तेजी से कार्रवाई हो रही है। पिछले दिनों गाजियाबाद में नाबालिग बच्चे के ऑनलाइन गेमिंग के दौरान धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद हुई कार्रवाई इसका उदाहरण है। ऑनलाइन गेम जिहाद का मामला सामने आते ही गाजियाबाद पुलिस एक्शन में आई। एक आरोपी मौलवी को पहले गिरफ्तार किया गया। इसके बाद मुख्य आरोपी शाहनवाज बद्दो की महाराष्ट्र के ठाणे इलाके से गिरफ्तारी हुई। इस मामले में पूछताछ चल रही है। लव जिहाद के मामले में भी कार्रवाई भी सरकार के इस मामले में सख्त रुख को साफ कर करती है।

अब तक 427 केस

लड़कियों को फंसाकर पहले प्रेम के जाल में लेने और शादी के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। इस प्रकार के मामलों में अब तेजी से कार्रवाई का निर्देश जारी किया गया है। यूपी में 27 नवंबर 2020 को धर्मांतरण कानून लागू किया गया। इस कानून के लागू होने के बाद से ही इस प्रकार के मामलों में सख्त कार्रवाई शुरू की गई है। यूपी सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में 2021 से 30 अप्रैल 2023 तक अवैध धर्मांतरण के 427 केस दर्ज किए गए हैं।

मामलों पर चल रही कार्रवाई

अवैध धर्मांतरण के केवल मामले ही दर्ज नहीं हो रहे, इन मामलों पर कार्रवाई भी की जा रही है। धर्मांतरण कानून के तहत अब तक प्रदेश में 833 से ज्यादा अरेस्टिंग हो चुकी है। पुलिस की पूछताछ में 185 पीड़ितों ने जबरन धर्म बदलवाने की बात कबूली है। इनके खिलाफ एक्शन लिया गया है। धर्मांतरण कानून की धाराओं के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है।

बच्चों के धर्मांतरण पर सख्त सरकार

नाबालिग बच्चों के धर्मांतरण के भी मामले सामने आए हैं। बच्चों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराने के मामले में भी यूपी पुलिस की कार्रवाई हुई है। नाबालिगों के धर्मांतरण के मामले में 65 केस दर्ज हो चुके हैं। बरेली जिले में अब तक सबसे अधिक केस दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस ने दिव्यांग बच्चों का धर्मांतरण कराने वाले रैकेट का भी खुलासा किया है। इन तमाम मामलों में कानून के तहत आरोपियों को सजा दिलाने की कार्रवाई चल रही है।

10 साल की सजा का है प्रावधान

यूपी में लागू धर्मांतरण कानून के तहत दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। लव जिहाद और अन्य धर्मांतरण के मामलों में कानून के तहत 10 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। साथ ही, लव जिहाद के मामले में साफ किया गया है कि शादी का उद्देश्य अगर धर्म परिवर्तन है तो इस स्थिति में शादी अवैध करार दी जाएगी। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों का धर्मा परिवर्तन कराने के आरोपियों को 10 साल की सजा का प्रावधान किया गया है।धर्मांतरण कानून के तहत जबरन धर्म परिवर्तन कराने के मामले में कम से कम 5 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। जुर्माने की राशि भी बढ़ा दी गई है। पहले जबरन धर्मांतरण मामले में जुर्माना राशि 15 हजार रुपए थी। इसे बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दी गई है।


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