पाकिस्‍तान को महाकंगाली से निकाल रहे भारतीय कश्‍मीरी, अरबों रुपये के निवेश के बदले मिली मौत

इस्‍लामाबाद: कंगाल हो चुके पाकिस्‍तान को इस महासंकट से निकालने के लिए जम्‍मू-कश्‍मीर के लोग आ गए हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ये कश्‍मीरी लोग पाक‍िस्‍तान के बड़े-बड़े शहरों में अरबों रुपये का निवेश कर रहे हैं। पाकिस्‍तान इस समय महाकंगाली के दौर से गुजर रहा है और उसे आईएमएफ लोन तक नहीं दे रहा है। ऐसे में अब पाकिस्‍तान को बचाने के लिए जम्‍मू-कश्‍मीर के भारतीय नागरिक इस्‍लामाबाद, कराची, लाहौर और अन्‍य शहरों में अरबों रुपये का निवेश कर रहे हैं। पाकिस्‍तान के सियासत अखबार ने दावा किया है कि कश्‍मीर में रहने वाले भारतीय नागरिक निवेश तो कर रहे हैं लेकिन पाकिस्‍तान में कई घोटाले चल रहे हैं और निवेशक अपने पैसे को गंवा रहे हैं क्‍योंकि यहां माफिया बहुत ही शक्तिशाली है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले महीने में दर्जनों की संख्‍या में कश्‍मीरी निवेशक माफिया के हाथों मारे गए हैं। इसके बाद भी न तो पाकिस्‍तान सरकार, न ही गिलगिट-बाल्टिस्‍तान और न पीओके की सरकार इन अपराधों के खिलाफ कोई ऐक्‍शन ले रही है।

पाकिस्‍तान में खाद्यान की कीमत 47 फीसदी बढ़ी

इससे पहले एक पाकिस्‍तानी विश्‍लेषक मुशर्रफ जैदी ने कहा था कि पाकिस्‍तानी नागरिकों को आगे भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा जो एक ऐसे देश में रहते हैं जहां कम उत्‍पादन है। कम आर्थिक विकास है और स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं की हालत खराब है। उन्‍होंने कहा कि 3 अर्जेंट राष्‍ट्रीय संकट ऐसे हैं जिनका पाकिस्‍तान में हल नहीं किया जा सकता है, फिर चाहे कोई भी सत्‍ता में आए। उन्‍होंने कहा कि ये समस्‍याए हैं, समय के साथ पाकिस्‍तानी समाज का रिश्‍ता टूटना, महिलाओं की काम में भागीदारी कम होना और स्‍वच्‍छता की खराब व्‍यवस्‍था। जैदी ने कहा कि ये तीनों ही समस्‍याएं इसलिए बनी रहेंगी क्‍योंकि न तो सेना, न जज और न ही राजनेता इसे सुलझाने की तमन्‍ना रखते हैं जबकि ये एक अर्जेंट राष्‍ट्रीय संकट है। उन्‍होंने कहा कि चुनाव या नहीं चुनाव, लोकतंत्र या तानाशाही, जंगल का कानून या कानून का शासन, पाकिस्‍तान को इन समस्‍याओं का सामना करना होगा। पाकिस्‍तान को लेकर जैदी का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब अर्थव्‍यवस्‍था तबाही की कगार पर है और महंगाई मार्च महीने में 35 फीसदी तक पहुंच गई है। पाकिस्‍तान आईएमएफ से कर्ज के लिए तड़प रहा है लेकिन उसे 1.1 अरब डॉलर का लोन नहीं मिल रहा है। पाकिस्‍तान में आटा खत्‍म हो रहा है औन खाने के दामों में 47 फीसदी की तेजी आई है।


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