लालू की पार्टी की इस 'लिस्ट' में ब्राह्मणों का पत्ता साफ, लेकिन भूमिहार-राजपूत को मिली जगह

पटना: बिहार प्रदेश राजद के संगठनात्मक चुनाव के तहत प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकारिणी गठित कर दी। इस कार्यसमिति के अलावा की राजद ने 47 जिला अध्यक्ष और तीन प्रकोष्ठों के अध्यक्षों को भी मनोनीत किया गया है। लेकिन इस लिस्ट में के ATOZ फॉर्मूले को काफी कम तरजीह दी गई है। गौर से देखा जाए तो इस मनोनयन के जरिए भी पार्टी ने अपने पुराने एम वाई (मुस्लिम-यादव) समीकरण पर फिर से विश्वास जताया है वहीं अति पिछड़ा वर्ग को भी साधने की कोशिश की गई है। प्रदेश राजद की ओर से जारी 47 जिला अध्यक्षों की सूची को जातीय आधार पर देखा जाए तो पिछड़ा वर्ग से आने वाले 18 लोगों को स्थान दिया गया है जबकि 11 मुस्लिमों को दायित्व दिया गया है।

राजद की 'लिस्ट' में ब्राह्मण नहीं

कार्यसमिति में शेखपुरा का जिला अध्यक्ष भूमिहार और गोपालगंज एवं बाढ़ का अध्यक्ष राजपूत जाति से बनाया गया है।उल्लेखनीय है कि प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह राजपूत जाति से आते हैं। इस पूरी सूची में ब्राह्मण जाति से आने वाले किसी का नाम नहीं है। इसके अलावा जिला का दायित्व 6 दलित समाज से आने वाले लोगों को सौंपा गया है जबकि पिछड़ा समाज से 18 (15 यादव व 3 कुशवाहा) लोगों को भी जिम्मेदारी दी गई है। 11 मुसलमान तथा 9 अति पिछड़ा वर्ग के नेताओं को भी इस सूची में स्थान दिया गया है।

MY समीकरण पर फिर जताया लालू ने भरोसा

प्रदेश कार्यसमिति में 18 उपाध्यक्षों में 2 यादव, 2 मुसलमान, 2 कुशवाहा, 5 पिछड़ा, 4 दलित समाज से आने वाले लोगों को सम्मिलित किया गया है जबकि कुर्मी, राजपूत एवं कायस्थ समाज के एक - एक प्रतिनिधि को जगह मिली है। इसके अतिरिक्त अति पिछड़ा वर्ग के रणविजय साहू को प्रधान महासचिव एवं मुस्लिम समाज से आने वाले मो. कामरान को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गयी है।


from https://ift.tt/n1D3Eyi

Comments

Popular posts from this blog

आध क गलत सचन और करयकरम म एक घट क दर स पहच सएम गहलत फर हआ एकशन