दिल्लीवालों के लिए खुशखबरी! गर्मियों में नहीं झेलनी पड़ेगी पानी की किल्लत, इस इलाके के लोगों को होगा फायदा

विशेष संवाददाता, नई दिल्लीः आने वाली गर्मियों में पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज और उससे सटे अन्य इलाकों में रहने वाले लोगों को पानी का संकट नहीं झेलना पड़ेगा। पटपड़गंज इलाके में आनंद लोक सोसायटी के पास बनाए गए 110 लाख लीटर क्षमता के भूमिगत जलाशय (यूजीआर) और बूस्टर पम्पिंग स्टेशन (बीपीएस) के जरिए पटपड़गंज, पांडव नगर, मयूर कुंज, प्रताप विहार, पटपड़गंज विलेज, चिल्ला विलेज, शशि गार्डन समेत आस-पास की आठ कॉलोनियों और मयूर विहार फेज-1 की 31 सोसायटियों में अच्छे प्रेशर के साथ साफ पानी की आपूर्ति की जा सकेगी। अभी इन इलाकों में रहने वाले लोगों को त्रिलोकपुरी यूजीआर से पानी मिलता था, जो यहां से काफी दूर है। इस वजह से अक्सर पानी कम प्रेशर से आता था या आता ही नहीं था, लेकिन अब यूजीआर के शुरू होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी।रविवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस यूजीआर और बूस्टर पंप का लोकार्पण किया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक, दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री व दिल्ली जल बोर्ड के चेयरमैन मनीष सिसोदिया के अलावा त्रिलोकपुरी के विधायक रोहित महरौलिया, कोंडली के विधायक कुलदीप कुमार और जल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अरविंद केजरीवाल ने लोगों को बधाई देते हुए बताया कि इस यूजीआर के जरिए आसपास के इलाके में रहने वाले एक लाख लोगों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि जबसे दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है, तब से आज यह 12वां यूजीआर बनकर तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि पिछली सरकारों ने काम नहीं किया, लेकिन जितनी तेजी से दिल्ली की आबादी बढ़ी, उतनी तेजी से काम नहीं हुआ था।

बढ़ाया करीब 129 एमजीडी पानी का उत्पादन

सीएम ने कहा कि जब हमने 2015 में सरकार संभाली थी, तब प्रतिदिन 861 एमजीडी पानी का उत्पादन होता था। आज प्रतिदिन 990 एमजीडी पानी का उत्पान होता है। पिछले सात साल में हमारी सरकार ने करीब 129 एमजीडी पानी का उत्पादन बढ़ाया है। यह पानी बाहर से नहीं आया है, बल्कि दिल्ली सरकार ने खुद ही जगह-जगह ट्यूबवेल और रैनीवेल बनाकर और भूमिगत जल को साफ करके जुटाया है। हमने पिछले सात साल में गंदे पानी की सफाई के लिए द्वारका, बवाना और ओखला में तीन नए वॉटर ट्रीटमेंट और नांगलोई में एक री-साइकलिंग प्लांट भी बनाया है, 500 बड़े-बड़े ट्यूबवेल बनाए हैं और करीब 2,250 किमी लंबी पाइपलाइनें बिछाई है, जिससे करीब 30 लाख घरों को पानी मिलने लगा है।

कोंडली और त्रिलोकपुरी को भी होगा फायदा

पिछले कुछ महीनों से पानी के गलत बिलों की बढ़ रही शिकायत का जिक्र करते हुए उन्होंने लोगों से कहा कि इसे लेकर चिंता ना करें। इन गलत बिलों को ठीक करने के लिए सरकार जल्द ही एक योजना लेकर आ रही है। वहीं डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने बताया कि नए यूजीआर से आसपास के इलाकों तक पानी सप्लाई करने के लिए यहां चार किमी की एडिशनल फीडर पाइपलाइन और करीब 18 किमी लंबी पाइपलाइन गलियों में बिछाई गई है। इस प्रोजेक्ट से पटपड़गंज के अलावा कोंडली और त्रिलोकपुरी विधानसभा के लोगों को भी फायदा होगा।
  • 110 लाख लीटर है नए भूमिगत जलाशय की क्षमता
  • 4.1 किमी है इसकी मुख्य फीडर लाइन की लंबाई
  • 12.90 किमी पेरिफेरल पाइपलाइन बिछाई है सप्लाई के लिए
  • 6 पंप लगे हैं यहां, जिनमें से 4 चलेंगे और 2 स्टैंड बाय में रहेंगे
  • 1,053 लाख रुपये खर्च आया भूमिगत जलाशय को बनाने में
  • 1148 लाख खर्च आया फीडर और पेरिफेरल लाइनें बनाने में
  • 3205 लाख रुपये कुल खर्च हुए हैं इस प्रोजेक्ट पर


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