सुप्रीम कोर्ट ने कहा- मंदिर मामले को क्यों न धार्मिक लोगों के लिए छोड़ा जाए, याचिका खारिज

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने अहोबिलम मठ मंदिर के अधिग्रहण के खिलाफ हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली आंध्र प्रदेश सरकार की अर्जी खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मंदिर को धार्मिक लोगों के लिए क्यों नहीं छोड़ा जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश सरकार की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। हाई कोर्ट ने कुरनूल में अहोबिलम मंदिर के मामले को नियंत्रण करने के लिए एग्जीक्यूटिव ऑफिसर नियुक्त करने के राज्य सरकार के फैसले पर कहा कि यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद-26 (डी) का उल्लंघन है।सुप्रीम कोर्ट में राज्य ने हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि धार्मिक लोगों को इससे निपटने दें। दरअसल आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि राज्य सरकार को कानून के तहत इस बात की कोई अथॉरिटी नहीं है कि वह अहोबिलम मठ मंदिर के लिए कोई एग्जीक्यूटिव ऑफिसर नियुक्त करे। इस मामले में हाई कोर्ट के फैसले को आंध्र प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की अर्जी पर सुनवाई से इनकार कर दिया। इस दौरान जस्टिस एसके कौल की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि राज्य सरकार को कोई अथॉरिटी या जूरिडिक्शन नहीं है कि वह इसके लिए एग्जीक्यूटिव ऑफिसर नियुक्त करे। शीर्ष अदालत ने कहा कि धार्मिक लोगों को इन मामलों को देखने दें। हम सभी मामले में अनुच्छेद- 136 के तहत दायर याचिका में कानूनी व्यवस्था देने की जरूरत नहीं समझते हैं।


from https://ift.tt/5o0Nz3L

Comments

Popular posts from this blog

आध क गलत सचन और करयकरम म एक घट क दर स पहच सएम गहलत फर हआ एकशन