नए साल पर रात भर जश्न मनाती है मुंबई लेकिन क्यों सूनी रहती है दिल्ली? यहां जानिए पूरी वजह

शुभम त्रिपाठी, नई दिल्ली: दिल्ली नए साल का जश्न मनाने के लिए तैयार है। बीते सालों का ट्रेंड देखें तो कनॉट प्लेस में 31 दिसंबर और 1 जनवरी की रात को भारी संख्या में लोग नए साल का जश्न मनाने पहुंचते हैं। इस साल भी पहुंचेंगे। केवल कनॉट प्लेस ही नहीं बल्कि देश के लगभग सभी बड़े शहरों के प्रमुख लोकेशंस पर लोग नए साल का जश्न मनाने के लिए इकट्ठा होते हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण मुंबई का गेटवे ऑफ इंडिया है जहां नए साल का जश्न मनाने के लिए हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं और धमाकेदार जश्न होता है। वहीं देश की राजधानी में स्थित इंडिया गेट के इसके बिल्कुल उलट हाल होते हैं। जिस इंडिया गेट पर वीकेंड पर ही हजारों की भीड़ पहुंच जाती है, उस इंडिया गेट पर जश्न पूरी रात नहीं चल पाता। हालांकि ऐसा नहीं है कि लोग इंडिया गेट पर नए साल का स्वागत नहीं करना चाहते। पूर्वी दिल्ली में रहने वाले गौरव कुमार कहते हैं, 'इंडिया गेट दिल्ली की शान है, तो आखिर क्यों हम वहां पर नए साल का स्वागत नहीं करना चाहेंगे। लेकिन सच तो यह है कि वहां पर जश्न उस तरह नहीं बन पाता जिस तरह नए साल का जश्न होना चाहिए। दूसरी जगहों पर जश्न का माहौल होता है, बैंड वगैरह होते हैं, म्यूजिक होता है, मगर वहां पर इस तरह का इंतजाम नहीं होता है।' वहीं दिल्ली में रहने वाले सुनील शर्मा कहते हैं कि इंडिया गेट पर आखिर कौन परिवार के साथ नहीं जाना चाहता। लेकिन वहां कई तरह की रुकावटें होती हैं, खासकर पार्किंग को लेकर। फिर देर रात के बाद वहां रुकने भी नहीं दिया जाता है। इसलिए वहां पर जश्न उतना शानदार नहीं होता है जितना गेटवे ऑफ इंडिया पर होता है। वीवीआईपी इलाका और सुरक्षा होती है प्रमुख वजह दरअसल इंडिया गेट ऐसा इलाका है जिसके पास राष्ट्रपति भवन समेत तमाम प्रमुख लोगों के घर, मंत्रालय और ऑफिस हैं। ऐसे में सुरक्षा को देखकर पुलिस वहां पर देर रात तक किसी समारोह की इजाजत नहीं देती है। स्पेशल पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) दीपेंद्र पाठक कहते हैं, 'दिल्ली के लोगों की सुरक्षा दिल्ली पुलिस का पहला काम है। इसीलिए नए साल के जश्न के लिए पुलिस के 16500 से ज्यादा पुलिसकर्मी पूरी दिल्ली में तैनात रहेंगे। महिला सुरक्षा के लिए ढाई हजार महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। 1200 से ज्यादा पीसीआर और 2000 से ज्यादा बाइक पेट्रोलिंग करेंगी। लेकिन जहां तक इंडिया गेट की बात है तो वह वीवीआईपी एरिया है। वहां राष्ट्रपति भवन है, बड़े मंत्रालय हैं और आसपास के इलाके में सांसदों के घर भी हैं। इसलिए उस क्षेत्र में सुरक्षा भी एक गंभीर मुद्दा है। इस वजह से उस इलाके में पूरी रात जश्न मनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती है।' जश्न में नहीं आने देना चाहते कोई रुकावट दूसरी ओर मुंबई ऐसा शहर है जो पूरी रात जागता है और देर रात तक पार्टी करना वहां कोई अनोखी बात नहीं है। यहां तक कि गेटवे ऑफ इंडिया पर ही बहुत देर रात तक लोग आते-जाते रहते हैं। सिर्फ मुंबईकर ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों और देशों से आए लोग भी यहां जश्न मनाने पहुंचते है। ऐसे में नए साल के मौके पर भारी संख्या में लोग यहां जश्न मनाने इस बार भी पहुंचेंगे। खास बात यह है कि मुंबई पुलिस भी वहां पर खास चौकसी रखती है ताकि लोग धूमधाम से एंजॉय कर सकें। मुंबई पुलिस के प्रवक्ता डीसीपी प्रशांत कदम कहते हैं, 'मुंबई के लोग नए साल का जश्न अच्छी तरह से मना सकें, इसके लिए हम लोग खास इंतजाम करते हैं जैसे कि इस बार 7 चीफ आयुक्त, 25 उपायुक्त, 1500 बड़े अधिकारी और दस हजार पुलिसकर्मी पूरी मुंबई में ऐक्टिव होंगे। दरअसल नए साल का जश्न मनाने के लिए लोग बहुत उत्साहित रहते हैं और हम भी चाहते हैं कि लोग खुशियां बांटे। इसलिए हम गेटवे ऑफ इंडिया पर भी जश्न मनाने की इजाजत देते हैं।


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