दलितों के पीने के पानी में ही मिला दिया मल, तमिलनाडु में हिला देने वाली घटना

चेन्नै: एक ओर जहां देश आजादी के 75 साल होने पर अमृत महोत्सव मना रहा है तो वहीं इस बीच तमिलनाडु से मानवता को हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां मध्य तमिलनाडु के इरायुर गांव में कुछ लोगों की नफरत दलितों के प्रति इस कदर घर कर गई कि उन्होंने पानी की टंकी में मल तक डाल दिया। इस गांव की हकीकत यह है कि आज भी यहां छुआछूत जैसी घिनौनी सोच लोगों के दिलों में वास करती है। घटना को लेकर बीजेपी ने विरोध जताया है और अपनी टीम भेजकर मामले की जांच करवाने की बात कही है। इस मामले में अधिकारियों ने शिकायत दर्ज कराई है और साथ ही गांव वालों से कहा है कि अगर आगे से कोई भी भेदभाव को लेकर शिकायत मिले तो तुरंत ही इसको लेकर सूचित करें। बच्चे पड़े बीमार तो हुई मामले की जानकारीइस घटना के बारे में ज्यादा जानकारी तब पता चली जब एक-एक कर गांव के बच्चे बीमार पड़ने लगे। इसके बाद जब गांव वाले बच्चों को लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे तो पता चला कि गंदा पानी पीने से उनकी तबीयत खराब हुई है। इसके बाद जब पीने के पानी की जांच की बारी आई तो अधिकारियों को हैरान कर देने वाला सच पता चला। अधिकारियों ने गांव वालों से पूछताछ और जांच में पाया कि पीने के पानी की टंकी में मानव मल पड़ा हुआ था। जिससे फैली गंदगी की चपेट में आने से ही लोगों की तबीयत एक-एक कर खराब हो रही थी। सालों से जारी है गांव में छुआछूत का खेलमध्य तमिलनाडु के इरायुर गांव में दलितों से छुआछूत का खेल कोई नई बात नहीं है। अधिकारी जब यहां पर जांच कर पहुंचे तो पाया कि दलितों को लेकर लोगों के दिल में गलत भावना आज भी जिंदा है। चाहे बात चाय की दुकान की हो या फिर किसी भी तरह के सार्वजनिक स्थल की लोग दलितों को हमेशा घिनौनी सोंच से ही देखते हैं। यहां तक कि मंदिर में प्रवेश को लेकर भी दलितों के साथ गलत व्यवहार किया जाता है।


from https://ift.tt/CYezVAm

Comments

Popular posts from this blog

आध क गलत सचन और करयकरम म एक घट क दर स पहच सएम गहलत फर हआ एकशन