गुजरात ग्राउंड रिपोर्टः गोधरा में त्रिकोणीय संघर्ष में फंस गए हैं BJP के 'संस्कारी' विधायक

गोधरा: गुजरात की बात हो और गोधरा का जिक्र ऐसा संभव नहीं हैं। 2002 गुजरात दंगों का कारण बने गोधरा में इस बार त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति बन रही है। बीजेपी ने इस सीट से मौजूदा विधायक सी के राउलजी को फिर से मैदान में उतारा है तो वहीं दूसरी तरफ उनके सामने कांग्रेस स्मिताबेन चौहान खड़ी हैं। आम आदमी पार्टी ने राजेश पटेल को प्रत्याशी बनाया है, लेकिन चीफ ओवैसी की जनसभा के बाद इस सीट पर चुनावी लड़ाई त्रिकोणीय हो रही है। AIMIM ने यहां से मुफ्ती हसर कचाबा को उतारा है। इस बार अगर हिंदू और मुस्लिम मतों का धुव्रीकरण नहीं हुआ तो त्रिकोणीय मुकाबला होने के आसार हैं। अगर मुस्लिम मत कांग्रेस के साथ एकजुट रहे तो वर्तमान विधायक सी के राउलजी की मुश्किलें बढ़ सकती है। पांच बार जीत चुके हैं चुनाव मौजूदा विधायक सी के राउल जी पहली बार इस सीट से 2007 में जीते थे, इसके बाद वे 2012 में भी कांग्रेस की टिकट पर विधानसभा पहुंचे थे। इसके बाद 2017 के चुनावों से पहले वे बीजेपी में आ गए थे और चुनाव जीतकर विधायक बने थे, हालांकि वे मात्र 258 वोटों से जीत पाए थे। तब उन्हें कांग्रेस के उम्मीदवार राजेंद्र सिंह परमार ने कड़ी टक्कर दी थी। राउलजी पांच बार के विधायक हैं वे 1990 और 1995 में बीजेपी से विधायक रह चुके हैं। सीट पर टिकीं हैं सबकी नजरें बिलकिस बानो केस के दोषियों को संस्कारी बताने पर विवादों में घिरे बीजेपी विधायक सी के राउलजी क्या जीत की हैट्रिक बना पाएंगे? इस पर सबकी नजरें लगी हुईं है। गुजरात सरकार ने 15 अगस्त को जब चर्चित बिलकिस बानो केस के दोषियों को रिहा किया था तो उसके बाद गोधरा के विधायक सी के राउलजी ने उन्हें संस्कारी करार दिया था। इसके बाद विवाद भी खड़ा हुआ था। अब देखना यह है कि पिछली बार मामूली अंतर से जीते राउल जी को AIMIM की एंट्री का लाभ होता है या फिर नहीं। मुस्लिम मतदाताओं में चुप्पी गुजरात की चर्चित विधानसभा सीट पर दो स्थितियां बन रही है कि हिंदू और मुस्लिम मत एक जुटे रहें, लेकिन ऐसा संभव नहीं दिख रहा है। एनबीटी ऑनलाइन की टीम ग्राउंड जीरो पर घूमी आई तो सामने आया कि कांग्रेस प्रत्याशी को अगर हिंदू वोट मिलेंगे तो बीजेपी प्रत्याशी को कुछ मुस्लिम वोट भी मिलेंगे। इस सब के बीच AIMIM भी सेंधमारी करेगी। ऐसे में मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार हैं। अगर मुस्लिम मतों में विभाजन नहीं हुआ तो कांग्रेस की प्रत्याशी स्मिताबेन चौहान राउल जी मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। बी बी गांधी चौराहे पर राउलजी का कट दिखा। लोगों ने कहा मुकाबला कांटे का हो सकता है। हमने मुस्लिम वोटरों से बात की तो उन्होंने कांग्रेस को वोट करने की बात कही। कुछ ने अपना झुकाव AIMIM की तरफ दिखाया, हालांकि ज्यादातर मतदाताओं ने कुछ भी साफ करने से मना कर दिया। ओवैसी के बाद पहुंचेंगे सीएम योगी गोधरा सीट पर दूसरे चरण में वोट डाले जाएंगे। AIMIM के चीफ ओवैसी की सभा के बाद अब 29 नवंबर को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी यहां सभा करेंगे। गोधरा का अगला विधायक कौन होगा? इसका फैसला 2.83 लाख वोटर करेंगे। इसमें मुस्लिम वोट 65 हजार के करीब हैं। गोधरा नगर निगम चुनाव में AIMIM ने 7 सीटें जीती थीं।


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