कौन हैं ये लोग, कहां से आते हैं ये लोग... वीडियो और रील्स के 'नशे' में खतरे में डाल रहे अपनी जान

भोपाल: आपने बॉलीवुड एक्टर अशरद वारसी की फिल्म जॉली एलएलबी देखी होगी। इस फिल्म का एक डायलॉग था 'कौन हैं ये लोग, कहां से आते हैं...' आजकल यह डायलॉग उन लोगों पर सटीक बैठ रहा है, जो कहीं भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए रील (वीडियो) बनाने लगते हैं। बीते दिनों मध्य प्रदेश में दो लड़कियों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकृषित करने के लिए रील बना थी। इंदौर में एक लड़की ने बॉलीवुड सॉन्ग पर ट्रैफिक सिग्नल पर डांस किया, वहीं एक लड़की ने उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में डांस का वीडियो शूट कर अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया। महाकाल मंदिर में वीडियो शूट होने पर लोगों ने नाराजगी जताई तो सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए और दोषी के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया। अपने इंस्टाग्राम और फेसबुक के लिए वीडियो और रील बनाने के जुनून का यह कोई पहला मामला नहीं है। आजकल युवाओं में सोशल मीडिया का ऐसा खुमार चढ़ा है कि फेमस होने के लिए अपनी जान की भी चिंता नहीं कर रहे हैं। ऐसी ही एक एग्जांपल हाल ही में सामने आया था, जब तीन लड़कों ने एक बाघ के पास सोशल मीडिया के लिए रील बनाकर अपनी जान को खतरे में डाल दिया था। वीडियो उस वक्त शूट किया गया जब बाघ वन क्षेत्र में सड़क पार कर रहा था। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारी सुशांत नंदा ने वीडियो को ट्वीट करते हुए सलाह दी। उन्होंने कहा कि, 'याद रखें कि अगर आप एक बड़े मांसाहारी जानवार (बाघ) को देखते हैं, तो वह भी आपको देखता है। बाघ आपको जान से मार सकता था। प्लीज इस तरह की हरकत न करें।' फेमस होने के लिए खतरे में डाल रहे जान रिपोर्ट बताती है कि टैक्नोलॉजी के युग में सोशल मीडिया हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है। किशोर और युवा इससे ज्यादा प्रभावित हैं। युवा सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए अपने जीवन को भी खतरे में डाल रहे हैं। अकेले मध्य प्रदेश में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जबअपने सोशल मीडिया अकाउंट के लिए वीडियो शूट करते समय खुद को परेशानी में डाला है। सड़क पर ट्रैफिल रूल तोड़ते हुए वीडियो शूट करने पर फंस गई थीं श्रेया बता दें, पिछले साल इंदौर में एक व्यस्त चौराहे पर एक लड़की ने दौड़ते हुए डांस वीडियो शूट कराया था। इंस्टाग्राम पर इस वीडियो को पोस्ट किया गया। वीडियो वायरल होने पर लड़की को ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। लड़की की पहचान श्रेया कालरा के रूप में हुई थी, जिसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वीडियो शेयर किया था। 'जीवनशैली में कई समस्याओं की वजह सोशल मीडिया से ज्यादा जुड़ाव'इंदौर की लाइफस्टाइल कोच प्रियंका तिवारी के मुताबिक, किशोर और युवा सोशल मीडिया से ज्यादा जुड़े हुए हैं, जो कई अन्य समस्याओं की जड़ बन गया है। प्रियंका तिवारी के मुताबिक, 35 साल से कम उम्र के लोगों की जीवनशैली में कई समस्याएं आ रही हैं। इसकी मुख्य वजह सोशल मीडिया पर उनका जरूरत से ज्यादा जुड़ाव होना है। 'सरकार या संस्था केवल दिशा-निर्देश दे सकती है'मध्य प्रदेश में बाल कल्याण समिति की सदस्य निवेदिता शर्मा ने कहा कि सरकार या संस्था केवल किसी भी मुद्दे पर कुछ दिशा-निर्देश दे सकती है, लेकिन माता-पिता की बच्चों के मामले में भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। बता दें, निवेदिता शर्मा सरकार की ओर से संचालित चाइल्ड केयर होम में बच्चों की काउंसलिंग में कई साल काम कर चुकी हैं। कुछ साल पहले भोपाल के एक चाइल्ड केयर होम में परामर्श के लिए आई किशोर लड़की का उदाहरण बताते हुए शर्मा ने कहा कि 12-13 साल की एक लड़की सोशल मीडिया पर इतनी जुनूनी थी कि उसने अपनी न्यूड फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड करनी शुरू कर दिया था। उसकी मां उसे चाइल्ड केयर होम लेकर आई थी। बात करने पर पता चला कि मां की जीवन शैली की वजह से लड़की इस मुकाम पर पहुंच गई। मां बेटी पर ध्यान नहीं दे पा रही थी। बच्चों के सोशल मीडिया पर रखें नजर: निवेदिता शर्मा शर्मा ने कहा कि बच्चें जब सोशल मीडिया की इस्तेमाल करते हैं तो माता-पिता को उनके गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आजकल हर मां-बाप अपने बच्चों को सभी सुविधाएं देना चाहते हैं, लेकिन कभी-कभी वे यह जांचने से बचते हैं कि उनके बच्चे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कैसे कर रहे हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि इस विशेष मुद्दे में माता-पिता और स्कूल के शिक्षकों की प्रमुख भूमिका है। उनके सहयोग के बिना, कोई नियम, विशेषज्ञों या सरकारी संगठनों की ओर से जारी प्रतिबंध या सलाह काम नहीं करेगी।


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