राफेल से टक्‍कर के बाद चीनी J-10 व‍िमान का मुरीद हुआ दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम देश, अमेरिकी F-15EX को देगा झटका!

जकार्ता: भारत और पाकिस्‍तान के बीच लड़ाई के दौरान राफेल फाइटर जेट और के बीच जोरदार टक्‍कर हुई थी। जे-10 सी से पाकिस्‍तान ने राफेल पर पीएल-15 मिसाइलों से हमला किया था। अब दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम देश इंडोनेशिया चीन से जे-10 फाइटर जेट खरीद सकता है। इंडोनेशिया के डेप्‍यूटी रक्षा मंत्री रिटायर एयर मार्शल डोनी इरमावन तौफांटो ने कहा है कि हमारी से इस बारे में बात हुई है। चीन ने न केवल जे-10 फाइटर जेट देने का ऑफर दिया है, बल्कि जहाज, हथियार और फ्रीगेट देने का भी प्रस्‍ताव दिया है। इंडोनेशिया के इस प्‍लान से अमेरिका को बड़ा झटका लगने जा रहा है जो अपने F-15EX फाइटर जेट को बेचना चाहता था। इंडोनेशिया इससे पहले फ्रांस से राफेल जेट भी खरीद चुका है। इंडोनेशिया का कहना है कि चीन का जे-10 सी दूसरों से सस्‍ता है और अत्‍याधुनिक क्षमता से लैस है। इंडोनेशियाई मंत्री का इशारा एफ-15 की ओर था। हाल के वर्षों में इंडोनेशिया ने अपने हथियारों के जखीरे को आधुनिक बनाने का काम तेज किया है जो काफी पुराने हो गए थे। इससे पहले साल 2022 में इंडोनेशिया ने 42 राफेल फाइटर जेट फ्रांस से खरीदे थे। यह पूरा सौदा 8 अरब डॉलर का था। इसमें से 6 फाइटर जेट अगले साल इंडोनेशिया को मिल भी जाएंगे। एयर मार्शल तौफांटो ने कहा, 'हमने चीन से बात की है और उन्‍होंने काफी कुछ देने का ऑफर दिया है। इसमें न केवल जे-10 बल्कि जहाज, हथियार और युद्धपोत शामिल हैं। हम जे-10 विमान का परीक्षण्‍ कर रहे हैं।'

भारत का पड़ोस में चीन की बढ़ रही धमक

तौफांटो ने कहा कि हम जे-10 की क्षमता, दाम और बिक्री के बाद सपोर्ट की समीक्षा कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि इस डील को लेकर एक साल पहले से बातचीत चल रही थी लेकिन भारत और पाकिस्‍तान के बीच लड़ाई जे-10 के इस्‍तेमाल के बाद हम इसको भी तरजीह दे रहे हैं। हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा कि इंडोनेशिया आगे भी अमेरिका के F-15EX की खरीद को लेकर बातचीत करता रहेगा। इंडोनेशियाई मंत्री ने कहा कि अमेरिकी फाइटर जेट क्षमता को दुनिया जानती है लेकिन 24 विमानों के लिए 8 अरब डॉलर कीमत मांगना सवालों के घेरे में है। फ्रांस के राष्‍ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने पिछले सप्‍ताह इंडोनेशिया के राष्‍ट्रपति से मुलाकात के बाद कहा था कि फ्रांस ने एक प्रारंभिक रक्षा समझौते पर हस्‍ताक्षर किया है। इसके तहत राफेल समेत नए फ्रांसीसी हथियारों की आपूर्ति होगी। इस पर तौफांटो ने कहा, 'हम फ्रांस के ऑफर पर व‍िचार कर रहे हैं। हम अपने बजट पर भी व‍िचार कर रहे हैं। हम समीक्षा कर रहे हैं, खासकर हमारे पास जे-10 और एफ-15 के व‍िकल्‍प भी हैं।' भारत और पाकिस्‍तान के बीच हवाई युद्ध के बाद चीन अब दुनियाभर में अपने फाइटर जेट को बेचने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए चीन लगातार तरह-तरह के लालच दे रहा है। यही नहीं चीन जे-10 सी की ताकत को लेकर हवा हवाई दावे भी कर रहा है। इंडोनेशिया अगर चीनी जेट लेता है तो इससे भारत के पड़ोस में ड्रैगन का प्रभाव और ज्‍यादा बढ़ जाएगा।


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