लेड से लेकर मरकरी तक... सिंदूर में मिले होते हैं खतरनाक केमिकल, चीन है सबसे बड़ा खिलाड़ी
नई दिल्ली: के बाद देश में सिंदूर की चर्चा काफी शुरू हो गई है। में शादीशुदा महिलाओं की मांग की शोभा बढ़ाने वाले सिंदूर की भारत में जबरदस्त मांग रहती है। वहीं दुनिया के दूसरे ऐसे देशों में जहां हिंदू महिलाओं की संख्या ज्यादा होती है, वहां भी इसकी अच्छी-खासी डिमांड रहती है। दरअसल, इस सिंदूर में कई मिले होते हैं। अगर कोई इसे गलती से खा ले, तो उसकी मौत हो सकती है। चीन का प्रोडक्शन भारत, चीन और दूसरे कई देशों में होता है। भारत दुनिया के कई देशों से भी करता है। इसमें चीन प्रमुख खिलाड़ी है।
चीन में कौन-कौन से केमिकल?
मार्केट में मिलने वाले सिंदूर में कई तरह के खतरनाक केमिकल मिले होते हैं। इनमें मरक्यूरिक सल्फाइड, लेड ऑक्साइड, सिंथेटिक डाई आदि शामिल होते हैं। ये सभी केमिकल काफी खतरनाक होते हैं। अगर कोई शख्स सिंदूर की थोड़ी मात्रा भी खा ले, तो उसकी मौत हो सकती है। वहीं इसके लगातार इस्तेमाल से स्किन को भी समस्या हो सकती है।कौन केमिकल कितना खतरनाक?
मरक्यूरिक सल्फाइड: सिंदूर में मिलाया जाने वाला यह प्रमुख केमिकल है। इसे सिनाबार (Cinnabar) भी कहते हैं। यह चमकीले लाल रंग का होता है। इसमें मरकरी या पारा मिला होता है। अगर यह शरीर में चला जाए तो इससे फेफड़े, गुर्दे आदि को नुकसान हो सकता है। वहीं यह नर्वस सिस्टम को भी नुकसान पहुंचा सकता है। इसके लिए इसके सेवन ने खून की कमी भी हो सकती है।लेड ऑक्साइड: यह पीले या लाल-भूरे रंग का होता है। इसका ज्यादातर इस्तेमाल बैटरी, सिरेमिक और पेंट बनाने में होता है। सस्ते और नकली सिंदूर में इसका इस्तेमाल बहुत होता है। इसमें लेड यानी सीसा मिला होता है जो काफी जहरीला होता है। अगर कोई शख्स इसे खा ले तो यह मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है। यही नहीं, इससे गुर्दे भी खराब हो सकते हैं। अन्य केमिकल: सिंदूर में कई अन्य केमिकल और केमिकल मिले होते हैं। इनमें सिंथेटिक डाई से लेकर सिंथेटिक पिगमेंट तक शामिल होते हैं। इनका इस्तेमाल सिंदूर के रंग और टेक्सचर को बेहतर बनाने में होता है। इनके इस्तेमाल से एलर्जी और खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं।हर्बल सिंदूर का भी इस्तेमाल
मार्केट में इस समय हर्बल सिंदूर भी काफी हैं। इन्हें बनाने के लिए सिंदूर के खास पौधे और कुछ घरेलू चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। दरअसल, सिंदूर का पौधा भी होता है। भारत में काफी लोग इसकी खेती करते हैं। इस पौधे पर लगने वाले फूल और फल से सिंदूर तैयार किया जाता है।प्राचीन महत्व है सिंदूर का
सिंदूर का इतिहास काफी पुराना है। सिंदूर का जिक्र 8000-7000 ईसा पूर्व से मिलता है। प्राचीन समय में इसका इस्तेमाल रोम और दूसरे देशों में कला और सजावट में किया जाता था। मध्य युग में इसका इस्तेमाल पांडुलिपियों में, पेंटिंग्स में और चीन की कला में किया जाने लगा। एक खास लाल रंग देने के लिए सिंदूर का इस्तेमाल किया जाता था। 5000-4000 ईसा पूर्व में चीन में इसका इस्तेमाल बर्तनों को रंगने, कमरों की दीवारों और फर्श का लाल रंग देने आदि में किया जाता था। अमेरिका समेत दूसरे देशों में भी इसका पुराना जिक्र मिलता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार महाभारत में भी सिंदूर का जिक्र मिलता है।चीन की क्या भूमिका?
भारत में वैसे तो काफी मात्रा में सिंदूर बनता है, लेकिन फिर भी कई देशों से सिंदूर का आयात किया जाता है। इनमें चीन, यूएई और दूसरे खाड़ी देश शामिल हैं। इनमें चीन प्रमुख है। भारत चीन से सबसे ज्यादा सिंदूर आयात करता है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ने साल अक्टूबर 2023 से सितंबर 2024 के बीच सिंदूर की 20 शिपमेंट आयात की थीं। ये शिपमेंट दुनिया के 9 देशों से आई थीं। इस दौरान सबसे ज्यादा सिंदूर चीन, ताइवान और यूएई से खरीदा गया। कुल आयात हुए सिंदूर में सबसे ज्यादा मात्रा चीन से आने वाले सिंदूर की रही।from https://ift.tt/uIJwAPp
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