मैनेजर ने एम्प्लॉई को बताया 'सिर्फ एक नंबर', इसके बाद उसने कुछ ऐसा किया कि कंपनी को लग गया करोड़ों का झटका
नई दिल्ली: आजकल कंपनियों में कर्मचारियों से कहा जाता है कि वे अपनी जिम्मेदारी से बढ़कर काम करें। उनसे ये भी कहा जाता है कि खुद से आगे बढ़कर और टीम के साथ मिलकर काम करें। लेकिन क्या होता है जब उनकी मेहनत को अनदेखा कर दिया जाता है? या फिर उन्हें बेकार समझ लिया जाता है?एक एम्प्लॉई ने पर अपनी कहानी शेयर की। ये कहानी बहुत से लोगों को पसंद आ रही है। ये सिर्फ एक जीत की कहानी नहीं है। ये उस भावना को दिखाती है जो आजकल कॉर्पोरेट कल्चर में बढ़ रही है। वो ये है कि कर्मचारी अब खुद को कम आंकने से तंग आ चुके हैं। एक ने अपना अनुभव बताया। ये ऐसी कहानी है जिसे सुनकर लोग खुश भी हो रहे हैं और हैरान भी।
काम ज्यादा, सैलरी कम
उस कर्मचारी ने एक में तीन साल काम किया। दो टीम मेंबर्स के जाने के बाद, उसने दोगुनी जिम्मेदारी संभाली। उसने बहुत काम किया और एक बड़े क्लाइंट से उसे हमेशा तारीफ मिली। लेकिन जब उसने सैलरी बढ़ाने की बात की, तो उसे हमेशा अनदेखा कर दिया गया।मैनेजर ने बताया 'नंबर'
आखिर में, उसके मैनेजर ने उससे कहा, 'यहां सब लोग बस एक नंबर हैं। तुम्हारी जगह लेने के लिए कल 50 रेज्यूमे आ सकते हैं।' ये बात सुनकर उस कर्मचारी को बहुत बुरा लगा। इसके बाद उसने दूसरी जॉब ढूंढना शुरू कर दिया।वह एम्प्लॉई अपनी कंपनी के सबसे बड़े क्लाइंट का काम भी करता रहा। उस क्लाइंट ने एम्प्लॉई के काम की तारीफ करते हुए मैनेजमेंट के सीनियर अधिकारियों को ईमेल भी किए थे। लेकिन उस कर्मचारी का कहना है कि उन ईमेल पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। दो हफ्तों में उसे एक दूसरी कंपनी से नौकरी का ऑफर मिला। उस नौकरी में उसकी सैलरी 40% ज्यादा थी और सुविधाएं भी बेहतर थी।रिजाइन दिया तो बदला कंपनी का रवैया
जब उसने अपनी नौकरी से इस्तीफा दिया, तो कंपनी का रवैया बदल गया। वही मैनेजर जो उसे 'नंबर' बता रहा था, अब उसे रोकने की कोशिश करने लगा। उसने कहा कि वे उसकी सैलरी बढ़ा सकते हैं और वो टीम के लिए मूल्यवान है। लेकिन अब बहुत देर हो चुकी थी।ऐसे लगा कंपनी को करोड़ों का फटका
उस कर्मचारी को एक महीने भी नहीं हुआ था कि उसे अपने पुराने साथियों से पता चला कि जिस क्लाइंट को वो सालों से संभाल रहा था, उसने उसकी पुरानी कंपनी के साथ अपना 300,000 डॉलर (करीब 2.54 करोड़ रुपये) के कॉन्ट्रैक्ट को रद्द कर दिया है। वो क्लाइंट उसकी नई कंपनी में आ गया। उस क्लाइंट ने उस कर्मचारी के बारे में पूछा था। जब उसे पता चला कि वो कहां है, तो उसने अपनी कंपनी बदल ली।from https://ift.tt/S9EqKdz
Comments
Post a Comment