पंजाब में ये कैसी कानून व्यवस्था! युवक को पुलिस की गाड़ी से खींच कर ले गए, फिर तलवारों से काटा, देखते रहे जवान

बरनाला: पंजाब के बरनाला जिले में कानून व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां भीड़ ने एक युवक को पुलिस की मौजूदगी में तलवारों से बुरी तरह घायल कर दिया। हमलावरों ने में छिपे युवक सतपाल सिंह को बाहर खींचकर उस पर लगातार हमला किया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने नजर आ रहे हैं।पुलिस की गाड़ी में घुसकर बचना चाहा, लेकिन भीड़ ने नहीं छोड़ाघटना उस समय हुई जब सतपाल सिंह पुलिस की गाड़ी में बैठकर भीड़ से खुद को बचाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन हमलावरों ने पुलिस वाहन को भी नहीं बख्शा और उसमें तोड़फोड़ करते हुए सतपाल को बाहर खींच लिया। हाथों में लिए हमलावरों ने युवक पर एक के बाद एक कई वार किए। सतपाल की पत्नी उसे बचाने के लिए लोगों के आगे हाथ जोड़ती रही, लेकिन किसी ने उसकी फरियाद नहीं सुनी।जानें क्या था मामलाजानकारी के अनुसार, 27 मई को सतपाल सिंह ने गांव के गुरुद्वारा रविदास के ग्रंथी बलजीत सिंह पर पत्नी से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए हमला कर दिया था। उस मामले में सतपाल के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज हुआ था, लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई। शुक्रवार को विरोधी पक्ष को भनक लगी कि सतपाल अपने घर में छिपा है, जिसके बाद गांववासी इकठ्ठा हो गए और हमला कर दिया।भीड़ ने छत से पत्थर फेंकने शुरू किएगांववालों ने सतपाल पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिससे वह छत से भागकर पुलिस की गाड़ी में जा बैठा। बावजूद इसके, पुलिस की उपस्थिति में गांववासियों ने गाड़ी पर हमला किया और उसे बाहर निकालकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उसकी पत्नी उसे बचाने के लिए उससे लिपट गई, लेकिन कम नहीं हुआ।पुलिस ने बाद में संभाला मोर्चाकाफी देर बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर किया और सतपाल को अस्पताल पहुंचाया गया। उसे गंभीर हालत में बठिंडा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। थाना प्रभारी कुलविंदर सिंह ने बताया कि पहले से दर्ज मुकदमे के अलावा अब हमला करने वालों के खिलाफ एफआईआर नंबर 34 दर्ज की गई है। वीडियो में साफ तौर पर कुछ हमलावरों की पहचान हो चुकी है और बाकी की तलाश की जा रही है। सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।पुलिस की भूमिका पर उठे सवालइस घटना ने न केवल क्षेत्र में डर का माहौल बना दिया है, बल्कि पुलिस की निष्क्रियता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो यह भयावह घटना टाली जा सकती थी। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन दोषियों के खिलाफ कितनी कठोर कार्रवाई करता है।


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