उपेंद्र कुशवाहा के NDA से राज्यसभा सीट पर ग्रीन सिग्नल को लेकर फंस गया पेच, जेडीयू बनी वजह?

पटना: बिहार बीजेपी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने मीडिया के सामने घोषणा करते हुए यह जरूर कहा था कि राज्य सभा के लिए भाजपा की तरफ से उम्मीदवार होंगे। लेकिन पार्टी सूत्रों की माने तो उपेंद्र कुशवाहा को अपनी उम्मीदवारी को फाइनल स्वरूप देने के लिए अभी कई प्रक्रिया से गुजरना है। आइए जानते हैं उम्मीदवारी के लिए क्या शेष रह गया है।

केंद्रीय चुनाव समिति करेगी फैसला!

उम्मीदवारी घोषणा के पहले भाजपा की चुनावी प्रक्रिया को पूरी करनी पड़ती है। पहले भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति प्रदेश भाजपा चुनाव समिति से नाम मांगेगी। फिर इसके बाद प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में नाम मांगे जाएंगे। फिर इस बैठक में जो नाम आएंगे उस पर विचार करने के बाद जो निर्णय होता है उसे केंद्रीय चुनाव समिति को भेजा जाता है। और कौन राज्यसभा जाएंगे, इस पर अंतिम मुहर केंद्रीय चुनाव समिति की होगी।

अभी तक क्या हुआ?

यह माना जा रहा है कि चुनाव आयोग के द्वारा अधिसूचना जारी करने के बाद केंद्रीय चुनाव समिति अब प्रदेश से नाम मांगेगी। इसके बाद प्रदेश चुनाव समिति की बैठक से नाम केंद्रीय चुनाव समिति को जाएगी। यह सब अभी होना शेष है।

नीतीश कुमार की भी सहमति जरूरी

राजनीतिक गलियारों में यह बात सामने आ रही है कि एनडीए गठबंधन में रहने के कारण एक औपचारिकता यह भी है कि इस फैसले पर नीतीश कुमार की सहमति की भी मुहर लगनी है। गठबंधन धर्म और सदन में जदयू की 12 सांसदों की जो ताकत है उसे इग्नोर भाजपा नहीं करने जा रही है।

तीन सितंबर को होना है चुनाव

बता दें कि 9 राज्यों की 12 राज्यसभा सीटों पर चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी हो चुकी है। 14 अगस्त को नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा तो वहीं 21 अगस्त को नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन होगा। 22 अगस्त को स्क्रूटनी होगी। अगर जरूरत पड़ी तो तीन सितंबर को चुनाव होंगे और शाम पांच बजे परिणाम घोषित भी हो जाएंगे।


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