दुनिया के इस मुस्लिम देश में अल कायदा से जुड़े गुट ने की 200 लोगों की हत्‍या, अंधाधुंध गोलियां बरसाकर लगा दिया लाशों का ढेर

औगाडौगौ: पश्चिम अफ्रीकी देश में एक भीषण हमले में 200 लोग मारे गए हैं और कम से कम 140 घायल हो गए। मध्य बुक्रिन फासों के बार्सालोघो क्षेत्र में यह हमला शनिवार को हुआ, जब लोग सेना की चौकी के चारो ओर खाई खोद रहे थे। ये क्षेत्र देश की राजधानी औगाडौगू की सुरक्षा में तैनात सेना की आखिरी स्टैंडिंग टुकड़ी का ठिकाना है। आतंकी सगंठन से जुड़े गुट जमात नुसरत अल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन (जेएनआईएम) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। करीब 64 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले बुर्किना फासो में कई विद्रोही गुट बीते दो कुछ वर्षों से देश के सैन्य शासन के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। ये गुट लोग सेना के साथ-साथ गुट लगातार आम लोगों पर भी हमले कर रहे हैं।सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा चौकियों के इर्ग-गिर्द खाई खोद रहे लोगों पर अचानक इस गुट के लड़ाकों ने अंधाधुंछ गोलियां चला दीं। हमले के बाद लड़ाके सेना के हथियार और सैन्य एम्बुलेंस भी साथ गए। जेएनआईएम ने हमले के बाद के भयानक वीडियो पोस्ट किए हैं। इनमें पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की लाशों को खाईयों के अंदर पड़े देखा जा सकता है। ये लोग सेना की सुरक्षा के लिए इन खाईयों को खोद रहे थे। गोलियां लगने के बाद सैकड़ों लोग इनमें ही गिरे और उनकी जान चली गई। घायलों को करीब के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घायलों की संख्या को देखते हुए काया से डॉक्टरों, नर्सों और अन्य चिकित्सा कर्मचारियों को बुलाया है।

सेना को पहले से थी हमले की जानकारी

रिपोर्ट के मुताबिक, बुर्किना फासो सेना को शुक्रवार को पता था कि उनके अड्डे पर हमला होने वाला है। ऐसे में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उन्होंने बड़ी संख्या में लोगों क खाई खोदने के लिए बुलाया था। बुर्किना फासो की सेना को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है और वह लगातार अल कायदा से जुड़े सशस्त्र समूहों के हाथों अपने क्षेत्र से नियंत्रण खो रही है।बुर्किना फासो ने कुछ समय पहले फ्रांस के साथ अपने संबंध तोड़ दिए हैं, जो उसके सुरक्षा बलों को सशस्त्र समूहों से निपटने में मदद कर रहे थे। हाल ही में बुर्किना फासो की सरकार ने रणनीतिक रूप से समर्थन देने और हमलों को रोकने में मदद करने के लिए रूसी के भाड़े के लड़ाकों से भी मदद मांगी है। मदद के बावजूद ये गुट सेना पर भारी पड़ रहे हैं और हमले राजधानी के करीब आते जा रहे हैं।

बीते एक दशक से अशांत है बुर्किना फासो

साल 2002 में तख्तापलट करके सत्ता में आए देश के सैन्य नेता सशस्त्र समूहों के खिलाफ लड़ाई के तरीके से एक गुस्से का भी सामना कर रहे हैं। उनको भी असंतोष की वजह से तख्तापलट के प्रयासों का सामना करना पड़ा है। बीते एक दशक में बुर्किना फासो में सशस्त्र समूहों ने हजारों लोगों की हत्या कर दी है और 20 लाख से अधिक लोग बेघर हुए हैं। नॉर्वेजियन शरणार्थी परिषद (एनआरसी) की दुनिया के सबसे उपेक्षित विस्थापन संकटों की सूची में बुर्किना फासो शीर्ष पर है। एनआरसी के अनुसार, हिंसा में पिछले साल 8,400 से अधिक लोग मारे गए, जो उससे पहले वर्ष की तुलना में दोगुना ज्यादा है।


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