बिहार के लिए निर्मला सीतारमण ने खोला खजाना... विधानसभा के बाहर विधायक जी बजा रहे 'झुनझुना'

पटना: ने मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का बजट लोकसभा में पेश किया। इस बजट में नौकरीपेशा लोगों, किसानों और बिहार के लिए खास प्रावधान हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार की नौ प्राथमिकताओं में रोजगार और कौशल विकास शामिल है। पहली बार नौकरी करने वालों को एक महीने का वेतन दिया जाएगा। यह राशि 15 हजार रुपये तक होगी और तीन किस्तों में मिलेगी। यह लाभ ईपीएफओ से जुड़े लोगों को मिलेगा, जिनकी सैलरी एक लाख रुपये प्रति माह तक है। इससे 2.10 करोड़ युवाओं को फायदा होगा।

बिहार को क्या मिला

किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन पैसों से कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी। खास बात ये हैं कि केंद्रीय बजट में बिहार को भी खास तवज्जो दी गई है। राज्य में सड़कों के लिए 26000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। तीन नए एक्सप्रेस-वे भी बनेंगे ( पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे, वैशाली-बोधगया एक्सप्रेस-वे और बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे )। नए मेडिकल कॉलेज और हवाई अड्डे भी बनाए जाएंगे। खेलों को बढ़ावा देने पर भी काम होगा। भागलपुर के पीरपैंती में 2002 मेगावाट का पावर प्लांट लगाया जाएगा। संसद को वित्त मंत्री ने बताया कि बिहार सरकार ने जो आग्रह किया है, उसके अनुरूप केंद्र हर संभव मदद करेगा।

विपक्ष बोला- झुनझुना मिल गया

नए एक्सप्रेस-वे बनने से राज्य में कनेक्टिविटी बेहतर होगी। मेडिकल कॉलेज और हवाई अड्डे बनने से स्वास्थ्य और परिवहन सुविधाओं में सुधार होगा। पावर प्लांट लगने से बिजली की कमी दूर होगी। कुल मिलाकर, यह बजट बिहार के लिए विकास का एक नया अध्याय लिखेगा। हालांकि विपक्षी पार्टियां इसे झुनझुना बता रही है। कांग्रेस विधायक शकील अहमद खान ने झुनझुना बजाकर कहा कि बिहार को झुनझुना मिल गया है। कांग्रेस विधायक के अनुसार, स्पेशल स्टेटस तो नहीं मिला न, अब झुनझुना दे दिया गया है।

स्पेशल स्टेटस पर क्या बोले नीतीश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को विधानसभा के मानसून सत्र में बड़ा बयान दिया है। नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार द्वारा विशेष राज्य के दर्जे की मांग ठुकराए जाने के बाद राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि अभी सब कुछ धीरे-धीरे पता चलेगा। दरअसल, केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा था कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जा सकता क्योंकि यह नियमों के खिलाफ है। केंद्र के इस फैसले के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है और विपक्षी दल लगातार नीतीश कुमार पर हमलावर हैं। विपक्ष का आरोप है कि नीतीश कुमार राज्य के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह विफल रहे हैं। विपक्ष ने तो नीतीश कुमार से इस्तीफे की भी मांग कर दी है।


from https://ift.tt/vJwpeSc

Comments

Popular posts from this blog

आध क गलत सचन और करयकरम म एक घट क दर स पहच सएम गहलत फर हआ एकशन