IPL: धोनी को लेकर उलझन में CSK, ऑक्शन नियम के बाद लेंगे संन्यास पर कोई फैसला

चेन्नई: ऐसा कम ही होता है कि मैदान से बाहर गया 110 मीटर का छक्का बल्लेबाजी करने वाली टीम के लिए ही खतरा साबित हो जाए, लेकिन शनिवार को बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में एमएस धोनी और चेन्नई सुपरकिंग्स के लिए ठीक ऐसा ही हुआ, जब आईपीएल 2024 में करो या मरो के मुकाबले में धोनी ने आखिरी ओवर की पहली गेंद पर पेसर यश दयाल को जोरदार छक्का लगाया। गेंद खो गई थी और उसे बदलना पड़ा। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज यश दयाल को सूखी गेंद मिली, जिस पर कंट्रोल करना उनके लिए आसान था। अगली बॉल पर उन्होंने धोनी को स्लोअर बॉल फेंककर बाउंड्री के किनारे कैच आउट करवा दिया। चेन्नई न सिर्फ मैच हारी बल्कि प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई भी नहीं कर पाई इस तरह धोनी चेपॉक में अपना आखिरी आईपीएल मैच खेलने के वादे को पूरा नहीं कर सके।इस हार के बाद 42 वर्षीय महान क्रिकेटर रविवार की सुबह आईपीएल छोड़कर अपने घर के लिए रवाना होने वाले पहले क्रिकेटर थे। वैसे सीएसके खेमे में यह धारणा बनी हुई है कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ शनिवार की हार शायद धोनी की आखिरी हार नहीं होगी। घटनाक्रम से जुड़े एक करीबी सूत्र ने हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया से खास बातचीत में बताया, 'धोनी ने सीएसके में किसी को नहीं बताया है कि वह छोड़ रहे हैं। उन्होंने प्रबंधन से कहा है कि वह अंतिम फैसला लेने से पहले कुछ महीनों तक इंतजार करेंगे।' रिटेंशन पॉलिसी तय करेगी धोनी का भविष्य?सीएसके मैनेजमेंट धोनी के एक और आईपीएल खेलने की उम्मीद लगाए बैठा है। इसके पीछे बड़ी वजह धोनी की बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग फॉर्म है। 18 मई की रात भी उन्होंने 200 के करीब की स्ट्राइक-रेट से 25 रन बनाए, जो कि रविंद्र जडेजा या शिवम दुबे से बेहतर था। धोनी ने चार ओवर तक बल्लेबाजी की और विकेटों के बीच दौड़ने में सहज थे। धोनी जिस फटी हुई पिंडली के साथ खेल रहे थे, वो इंजरी भी धीरे-धीरे ठीक हो रही थी। सूत्र ने कहा, 'विकेटों के बीच दौड़ने में उन्हें कोई असुविधा महसूस नहीं हुई और यह एक प्लस है।' अगले साल मेगा ऑक्शन होने वाला है। टीम अधिकतम पांच खिलाड़ियों को ही रिटेन कर सकती है। उम्मीद है कि सीएसके रुतुराज गायकवाड़, रविंद्र जडेजा, शिवम दुबे और मथीशा पथिराना को निश्चित ही रिटेन करेगी।इम्पैक्ट प्लेयर रूल बन सकता है वरदानऐसी स्थिति में धोनी ऑक्शन में जाकर बेहद महंगे बिकने की बजाय सबसे कम फीस स्लॉट से रिटेन हो सकते हैं। वह चेन्नई के लिए 'इम्पैक्ट सब' प्लेयर की भूमिका निभा सकते हैं। अब देखना होगा कि क्या बीसीसीआई अगले आईपीएल के लिए 'इम्पैक्ट सब' नियम को बरकरार रखती है या खत्म कर देती है। यह नियम धोनी को आखिरी दो ओवरों के लिए खुद को बचाए रखते हुए एक्स्ट्रा बल्लेबाज खिलाने में मदद करता है। यदि बीसीसीआई इस नियम को हटा देती है, तो किसी टीम के लिए केवल 12 गेंदों के लिए एक बल्लेबाज रखना व्यावहारिक नहीं होगा। ऐसा लगता है कि अगले साल खेलना या संन्यास लेने का फैसला फ्रेंचाइजी ने माही पर छोड़ दिया है।


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