'हमने न बनाया होता तो तुम...', तेजस्वी यादव के बयान पर भड़की JDU ने गजब का मारा 'तीर'

पटना: राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री ने अपने एक बयान से बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। जदयू को तीसरे नंबर की पार्टी करार देते तेजस्वी यादव ने पर तंज कसा। इस दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि 'कभी हमने बनाया तो कभी भाजपा ने, और अब तो सीएम बने रहने के लिए चार विधायकों की पार्टी का भी सहारा लेना पड़ा।' स्पष्ट तौर पर तेजस्वी यादव का इशारा पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा की ओर था। तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद भाजपा और जदयू के कद्दावर नेताओं ने पलटवार कर बयानों के तीर छोड़ने शुरू कर दिए।

क्या कहा तेजस्वी ने ?

जनविश्वास यात्रा में तेजस्वी यादव लगातार नीतीश कुमार पर हमलावर अंदाज में बरसते रहे। इसी क्रम में तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को सदन के तीसरे नंबर की पार्टी का नेता बताते काफी तीखी टिप्पणी कर डाली। तेजस्वी ने कहा कि 'अब उनकी ये स्थिति हो गई कि वे दो बार भाजपा के सहयोग से और दो बार राजद के सहयोग से सीएम बने। स्थिति इतनी खराब हुई कि सीएम बनने के लिए चार विधायकों वाली पार्टी का सहारा लेना पड़ा। जीतन राम मांझी ने ठीक ही कहा कि एक बार आपने मुझे सीएम बनाया। इस बार हमने आपको सीएम बनाया ,हिसाब बराबर।'

तेजस्वी ने कई तीखे हमले किए

तेजस्वी यही नहीं रुके । उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार खुद भी ऊब चुके हैं। उनसे जनता भी ऊब चुकी है। उनसे पार्टी के लोग भी ऊब चुके हैं। उनसे पदाधिकारी भी ऊब चुके हैं। ऐसे में विकास कहां से होगा। नीतीश कुमार की हनक समाप्त हो गई है। उनकी बात अधिकारी नहीं मानते। स्कूल की टाइमिंग को ले कर उन्होंने सदन को आश्वस्त किया था। लेकिन उनके अधिकारी (केके पाठक)ने इनकी एक न सुनी।

नीतीश की गलती का परिणाम हैं लालू-तेजस्वी- गिरिराज

उधर पलटवार करते हुए ने कहा कि 'नीतीश कुमार कr गलतियों का परिणाम है कि लालू और तेजस्वी का वनवास खत्म हो गया। नीतीश कुमार ने अगर भूल नहीं की होती तो आज इनका कहीं अता-पता नहीं होता। नीतीश कुमार की भूल के परिणाम हैं कि लालू यादव और तेजस्वी का फिर से उदय हो गया। तेजस्वी को नीतीश कुमार की तस्वीर वाली लॉकेट लगाकर घूमना चाहिए, ना कि उनको गाली देनी चाहिए। वो खुशी मनाएं कि नीतीश कुमार ने लालू जी को साथ ले लिया था।

जदयू की बदौलत राजद का पुनर्जन्म- उमेश कुशवाहा

JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने तेजस्वी यादव के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते कहा कि '2015 विधानसभा चुनाव में जद(यू) की बदौलत राजद का राजनीतिक पुनर्जन्म हुआ। तेजस्वी बताएं, लोकसभा में शून्य सीट के साथ राजद कितने नंबर की पार्टी है। वर्ष 2010 के विधानसभा चुनाव में राजद का राजनीतिक खात्मा हो चुका था। एनडीए गठबंधन के खिलाफ बिहार की 168 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़कर राजद महज 22 सीटों पर सिमट गई थी। राजद अगर आज राजनीतिक रूप से अस्तित्व में है तो इसके लिए उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एहसानमंद होना चाहिये। इसमें कहीं कोई दो राय नहीं है कि 2015 में जद(यू) के बदौलत ही राजद का राजनीतिक पुनर्जन्म हुआ था और एक अनुभवहीन युवा को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सानिध्य में रख कर डिप्टी सीएम बनाकर राजनीति का ककहरा सिखाया। आज तेजस्वी यादव की राजनीतिक पहचान नीतीश कुमार की देन है। राजद का अब कोई भविष्य नहीं है, 2025 के अंत तक राजद पार्टी बिहार से पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।'

भीड़ से लौटा तेजस्वी यादव का आत्मविश्वास

जनविश्वास यात्रा में जुटी भीड़ से तेजस्वी का आत्मविश्वास लौटा है।अब सदन की दूसरी बड़ी पार्टी राजद के नेता तेजस्वी यादव के हाथ से सत्ता जाने के बाद एक झटका तो लगा था। पर इस झटके से वे चलते सत्र में ही उबरते दिखे। रही सही हिम्मत इंडिया गठबंधन के बनते मजबूत सूत्र से मिला। उत्तर प्रदेश में सपा और चार राज्यों में आम आदमी पार्टी से समझौता होने से भी तेजस्वी यादव को ताकत मिली है। वैसे भी तेजस्वी यादव में वर्ष 2020 के विधान सभा चुनाव के बाद आत्मविश्वास तो बढ़ा ही है। लेकिन सवाल यही है कि क्या ये 2025 तक कायम रह पाएगा।


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