वैज्ञानिकों ने खोजी नई एंटीबायोटिक, शरीर पर दवाओं को बेअसर करने वाले बैक्टीरिया को करती है खत्म

लंदन: वैज्ञानिकों ने एंटीबायोटिक की एक पूरी तरह से नई श्रेणी की खोज की है जो व्यापक ड्रग रेसिस्‍टेंट के कारण मानव स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा माने जाने वाले तीन बैक्टीरिया में से एक को खत्म कर देती है। यानी मरीज के शरीर में मौजूद जो बैक्‍टीरिया दवा के प्रतिरोधी हो गया है और जिस पर दवाओं का कोई असर नहीं हो रहा है, उसे ये एंटीबायोटिक खत्म करती है। जोसुराबलपिन नाम की इस एंटीबायोटिक ने निमोनिया और सेप्सिस के माउस मॉडल में कार्बापेनम-प्रतिरोधी एसिनेटोबैक्टर बाउमानी (क्रैब) के अत्यधिक ड्रग रेजिस्टेंट स्टेन को हराया है।विश्व स्वास्थ्य संगठन ने क्रैब को बैक्टीरिया के दो अन्य दवा-प्रतिरोधी रूपों- स्यूडोमोनास एरुगिनोसा और एंटरोबैक्टीरियासी के साथ प्राथमिकता 1 के रोगजनक के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इंपीरियल कॉलेज लंदन में आणविक सूक्ष्म जीव विज्ञान के विशेषज्ञ डॉ एंड्रयू एडवर्ड्स ने बताया है कि अस्पतालों में संक्रमण का एक महत्वपूर्ण कारण क्रैब है, खासकर उन लोगों में जो वेंटिलेटर पर हैं। हालाकि यह एक आक्रामक रोगजनक नहीं है लेकिन यह कई अलग-अलग एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति प्रतिरोधी है, जिससे इसका इलाज करना बहुत मुश्किल हो जाता है।

क्यों खास है ये नई दवाई

संक्रामक रोगों के विशेषज्ञ और नई दवा के खोजकर्ता डॉक्टर माइकल लोब्रिट्ज का कहना है, इस बैक्टीरिया के खिलाफ किसी भी दवाई का विकास बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है क्योंकि यह एंटीबायोटिक दवाओं को अपनी बाहरी कोशिका परत से आगे बढ़ने से रोकने में बहुत कुशल है। इसलिए ये नई खोज विश्वास दिलाती है कि नए एंटीबायोटिक्स खोजने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे दृष्टिकोण फल दे सकते हैं। एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी संक्रमण मानव स्वास्थ्य के लिए एक तत्काल खतरा पैदा करते हैं- विशेष रूप से वे जो ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया के रूप में जाने जाने वाले बैक्टीरिया के एक बड़े समूह के कारण होते हैं और एलपीएस नाम के पदार्थ से संरक्षित होते हैं। एलपीएस बैक्टीरिया को कठोर वातावरण में रहने की अनुमति देता है, और यह उन्हें मानव शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के हमले से भी अनुमति देता है। ये जानना भी दिलचस्प है कि बीते 50 सालों में में ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया के लिए किसी भी नए एंटीबायोटिक को मंजूरी नहीं दी गई है।अमेरिका के कैम्ब्रिज में हार्वर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डैनियल और उनके सहयोगियों ने दिखाया कि ये दवा एलपीएस को बैक्टीरिया की बाहरी झिल्ली तक ले जाने से रोकती है, जिससे वह मर जाता है। उन्होंने यह भी पाया कि जोसुराबलपिन ने क्रैब-प्रेरित निमोनिया वाले चूहों में बैक्टीरिया के स्तर को काफी कम कर दिया और क्रैब-संबंधी सेप्सिस वाले चूहों की मृत्यु को रोक दिया। डॉक्टर लोब्रिट्ज ने कहा कि यह पहली बार है कि हमें ऐसी कोई चीज मिली है जो इस तरह से संचालित होती है, हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह अणु अकेले रोगाणुरोधी प्रतिरोधी संक्रमणों के सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे को हल नहीं करेगा लेकिन यह खोज अन्य बैक्टीरिया में समान परिवहन प्रणाली को दवा देने के भविष्य के प्रयासों की नींव रख सकती है।


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