भारत की तरह अफगानिस्तान में आतंकी घुसा रही पाकिस्तानी सेना, बॉर्डर पर झड़प के जरिए घुसपैठ की कोशिश

इस्लामाबाद: 20 जनवरी को अफगानिस्तान के सिरकनय जिले में डूरंड लाइन पर तालिबान बलों और पाकिस्तानी सेना के बीच हिंसा हुई। सुबह शुरू हुई गोलीबारी शाम तक चलती रही। हालांकि दोनों पक्षों की ओर से अब इस तरह की लड़ाई नियमित हो गई है। अफगानिस्तान में डुरंड लाइन पर पाकिस्तान अफगान इलाकों में अतिक्रमण कर रहा है। इसके जवाब में तालिबान हमला करता है। लेकिन इस बार की गोलीबारी का मकसद कुछ और था। द संडे गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक तालिबानी अधिकारी और टीटीपी के सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तानी सेना अफगानिस्तान में ISIS आतंकियों को घुसाने में लगी है। इस मकसद को पूरा करने के लिए सीमा पर विवाद भड़काया गया, ताकि ISIS अफगानिस्तान में घुस सके। अगर यह दावा सही है तो पाकिस्तान सेना अफगानिस्तान में वही करने में लगी है जो वह भारत के साथ करती आई है। बॉर्डर पर गोलीबारी करके पाकिस्तानी सेना आतंकियों को भारत में घुसाती रही है।

अफगानिस्तान में भेजना था आतंकी

रिपोर्ट के मुताबिक टीटीपी के पूर्व कमांडर एहसानुल्लाह एहसान ने भी पाकिस्तानी सेना की इस चाल की पुष्टि की। उन्होंने इसे अफगान सीमा पर कश्मीर-जैसा घुसपैठ का प्रयास बताया। उन्होंने कहा, 'इस घटना के बाद पाकिस्तानी सेना से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट ने दावा किया कि सीमा पर बाड़ की मरम्मत की जा रही थी, जिसपर अफगान बलों ने आपत्ति जताई और झड़प शुरू हुई। हालांकि मेरी जानकारी के मुताबिक जब ISIS लड़ाके पाकिस्तानी सीमा से अफगानिस्तान में घुसने की कोशिश कर रहे थे तो तालिबानी लड़ाकों ने उन्हें देख लिया और फायरिंग की। घुसपैठियों को तब पाकिस्तानी सेना ने कवर दिया।'

वापस भागे ISIS आतंकी

एहसान के मुताबिक डूरंड लाइन पार करने वाले लड़ाके पाकिस्तानी चौकियों से होकर गुजरे। लेकिन अफगान सेना के जवाबी हमले के कारण वे वापस भाग निकले और पाकिस्तानी सेना की सीमा में लौट गए। उन्होंने कहा, 'ISIS आतंकियों को खत्म करने के लिए अफगान बलों ने भारी हथियारों से पाकिस्तानी बलों की चौकियों को निशाना बनाया। इसके जवाब में पाकिस्तान की पोस्ट पर तोपखाने का इस्तेमाल किया गया।' उनका दावा है कि पाकिस्तानी सेना अफगानिस्तान को अस्थिर करने के लिए कश्मीर जैसी रणनीति अपना रही है। पिछले कुछ दिनों में अफगानिस्तान में आतंकी हमले बढ़े हैं।


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