इजरायल ने जहां रखी हैं परमाणु मिसाइलें, हमास ने वहीं की थी रॉकेट की बारिश, हुआ बड़ा खुलासा

तेल अवीव: हमास ने 7 अक्टूबर को दक्षिणी इजरायल में हमला कर 1200 लोगों को मार डाला था। इस दौरान हमास की ओर से बड़ी संख्या में रॉकेट दागे गए थे। एनवायटी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस दौरान एक रॉकेट से इजरायल के परमाणु हथियार बाल-बाल बचे थे। सैटेलाइट तस्वीरों के हवाले से बताया गया है कि हमास का एक रॉकेट सात अक्टूबर को स्डोट मिचा एयरबेस के पास जा गिरा था। ये इजरायली सेना का बेस है और यहां करीब 50 जेरिको परमाणु मिसाइलें रखी हो सकती हैं। रॉकेट हमलों में इजरायल के मिलिट्री बेस में आग लग गई थी। आग ने बेस पर करीब 40 एकड़ जमीन को नुकसान पहुंचाया लेकिन इजरायल के लिए ये राहत की बात रही कि ये मिसाइलों के जखीरे तक नहीं पहुंचे। आईडीएफ प्रवक्ता ने इस रिपोर्ट पर कोई टिप्पणी नहीं की है। बता दें कि इजरायल ने कभी भी परमाणु हथियार रखने की बात स्वीकार नहीं की है, लेकिन माना जाता है कि उसके पास परमाणु हथियार हैं। फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स के परमाणु सूचना परियोजना के निदेशक हंस क्रिस्टेंसन का अनुमान है कि इजरायल के बेस में 25 से 50 न्यूक्लियर हथियारों को ले जाने में सक्षण जेरिको मिसाइल लांचर रखी हुई हैं।

सैटेलाइट तस्वीरों से खुला राज!

रिपोर्ट में कहा गया है कि 7 अक्टूबर को इजरायली सेना के बेस के आसपास के क्षेत्र में कई घंटों तक हमास ने रॉकेटों की बारिश की थी। हमले के कारण लगी आग की पहचान सबसे पहले जंगल की आग का पता लगाने के लिए नासा द्वारा ली गई सैटेलाइट तस्वीरों से हुई। इन तस्वीरों से सामने आया कि रॉकेट हमले के दौरान बेस में आग लगी थी। जिससे कुछ ही दूरी पर परमाणु हथियार ले जाने वाली मिसाइलें थीं। इजरायली सेना का स्डोट मिचा बेस 1962 से है। जो हजारों एकड़ की पहाड़ियों पर स्थित है। बता दें कि 7 अक्टूबर के हमले के बाद गाजा पट्टी में लड़ाई छिड़ी हुई है। इजरायल की सेना की ओर से बीते दो महीने से लगातार गाजा पट्टी में हमले कर रही है। जिसमें करीब 16 हजार लोगों की मौत हो चुकी है और कई लाख लोगों को अब तक घर छोड़कर जाना पड़ा है। इजरायल की ओर से कहा गया है कि हमास के पूरी तरह से खत्म होने तक वह जंग जारी रखेगा। हमास के खात्मे के बाद ही जंग रुकेगी।


from https://ift.tt/kvjb3ry

Comments

Popular posts from this blog

आध क गलत सचन और करयकरम म एक घट क दर स पहच सएम गहलत फर हआ एकशन