ओपी राजभर और दारा सिंह चौहान को नहीं मिला 'दिवाली-गिफ्ट', मंत्री बनने में कहां फंस रहा पेच? समझिए

लखनऊः उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल की विस्तार की संभावना एक बार फिर टल गई है। माना जा रहा था कि दिवाली से पहले 10 नवंबर को योगी अपने कैबिनेट में दो या तीन मंत्रियों को शामिल कर सकते हैं। इन मंत्रियों में प्रमुखता से जो दो नाम शामिल थे, वह और ओम प्रकाश राजभर के हैं। दोनों ने हाल ही में बीजेपी से दोस्ती की है और लंबे समय से योगी कैबिनेट में मंत्री बनने का इंतजार कर रहे हैं। ओम प्रकाश राजभर ने तो इशारे-इशारे में दशहरे पर ही इस इंतजार के खत्म होने की संभावना जता दी थी लेकिन विजयादशमी भी बीत गई और दिवाली भी बीतने वाली है। न तो राजभर मंत्री बने और न ही इस संभावना पर मुहर ही लग पाई।

क्यों लग रही हैं अटकलें

माना जाता है कि घोसी में हुए उपचुनाव से पहले एनडीए में शामिल होने वाले ओम प्रकाश राजभर पर यह उपचुनाव बीजेपी को जितवाने की जिम्मेदारी दी गई थी। सपा छोड़कर आए दारा सिंह चौहान भाजपा के उम्मीदवार थे। तय था कि जीत के बाद राजभर और दारा सिंह चौहान, दोनों को ही योगी सरकार में मंत्री बनाया जाएगा। हालांकि, बीजेपी चुनाव हार गई और इसी के साथ कैबिनेट विस्तार की कवायद भी ठंडे बस्ते में चली गई। इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने के लिए दिल्ली गए। इसके बाद से चर्चा फिर तेज हो गई कि लोकसभा चुनाव से पहले योगी सरकार का कैबिनेट विस्तार होना है। इस विस्तार में राजभर और दारा सिंह को मंत्री बनाया जाएगा।हालांकि, इसके बाद भी बीजेपी सरकार की ओर से इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाए गए। मीडिया राजभर से सवाल पूछती रही कि वह मंत्री कब बनेंगे? ऐसे ही एक सवाल में राजभर ने कहा कि धैर्य रखिए। विजयादशमी कब है? तब माना गया कि दशहरे पर योगी अपनी टीम का विस्तार कर सकते हैं लेकिन दशहरा बीतने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। हाल ही में योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। इसे दिवाली से पहले शिष्टाचार भेंट बताया गया लेकिन माना जा रहा है कि सीएम ने राज्यपाल से कैबिनेट विस्तार को लेकर ही चर्चा की है। दिवाली पर इस संबंध में आदेश आने की बात कही गई लेकिन अभी तक लगता नहीं है कि ऐसा कोई फैसला योगी आदित्यनाथ लेने वाले हैं।

कहां फंस रहा है पेंच

दरअसल, दारा सिंह चौहान अभी-अभी सपा से लौटकर आए हैं। वह उपचुनाव भी हार गए हैं। ऐसे में योगी समेत बीजेपी का एक धड़ा उन्हें मंत्री बनाने के पक्ष में नहीं है लेकिन पार्टी का शीर्ष नेतृत्व चाहता है कि लोकसभा चुनाव से पहले ओबीसी वोटर्स को लामबंद करने के लिए दारा सिंह चौहान को मंत्री बनाया जाए। कहा यह भी जा रहा है कि सीएम योगी सिर्फ दो लोगों को मंत्रिमंडल में शामिल कर कैबिनेट का विस्तार नहीं करना चाहते हैं। वह पूरा कैबिनेट एक्सपेंशन चाहते हैं, जिसमें दर्जन भर मंत्रियों को शामिल करने का प्रस्ताव शामिल है। इतना ही हीं, कई मंत्रियों का विभाग बदलने और कई को ड्रॉप करने की भी योजना का प्रस्ताव योगी ने पार्टी के समक्ष रखा है। माना जा रहा है कि इस योजना को इंप्लीमेंट होने में समय लगेगा। ऐसे में दिवाली के बाद ही कैबिनेट विस्तार की संभावना है।


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